लखनऊः उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार आज बुधवार को लखनऊ स्थित राजभवन में हुआ. इस दौरान मंत्रिमंडल में एक दर्जन से अधिक नए चेहरों को शामिल किया गया. मंत्रिमंडल में छह कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 11 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली है. चार मंत्रियों को पदोन्नति देकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. इस कैबिनेट में 18 नए चेहरे शमिल किए गए हैं. चार राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) को प्रोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. एक राज्यमंत्री को प्रोन्नत कर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है.

डॉ. महेंद्र सिंह, सुरेश राणा, भूपेंद्र सिंह चौधरी, अनिल राजभर, रान नरेश अग्निहोत्री, कमल रानी वरुण कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं. वहीं नील कंठ तिवारी, कपिल देव अग्रवाल, सतीश द्विवेदी, अशोक कटारिया, श्रीराम चैहान और रवींद्र जायसवाल ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है. राज्य मंत्री अनिल शर्मा, महेश गुप्ता, आनंद स्वरूप शुक्ल, विजय कश्यप, डॉ. गिरिराज सिंह धर्मेश, लाखन सिंह राजपूत, नीलिमा कटियार, चौधरी उदयभान सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रमाशंकर सिंह पटेल ने शपथ ले ली है.

योगी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार से पहले मंगलवार को चार मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया. इनमें वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल तथा भूतत्व एवं खनिकर्म राज्यमंत्री अर्चना पांडेय शामिल हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं. राज्यपाल ने देर रात पांचों मंत्रियों के इस्तीफे मंजूर कर लिए. सांसद चुने जाने के बाद सत्यदेव पचौरी, प्रो. एस.पी. बघेल और प्रो. रीता बहुगुणा जोशी के इस्तीफे और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने से चार कैबिनेट मंत्री के पद पहले से ही खाली हैं.