इटावा (उत्तर प्रदेश): कोरोना वायरस (Corona Virus) पूरे देश के लिए मुश्किल बना हुआ है. मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसी मुश्किल में भी उत्तर प्रदेश में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश के आगरा से बस एवं एम्बुलेंस के जरिए सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अस्पताल भेजे गए कोरोना वायरस से संक्रमित 70 मरीज अस्पताल के बाहर तीन घंटे तक टहलते रहे. मरीजों को इधर उधर बैठना पड़ा. बताया जा रहा है कि ऐसा हॉस्पिटल का मुख्य द्वार खुला न होने की वजह से हुआ. और मरीज बाहर सड़क पर टहलते रहे. Also Read - हर साल 45 करोड़ डॉलर देने वाले अमेरिका ने WHO से तोड़े रिश्ते, डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- ये चीन की कठपुतली है

पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी सहित पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी चंद्र पाल सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजकुमार को इस बारे में बताया. पुलिस के अनुसार मरीजों को पानी और बिस्कुट मुहैया कराए गए. ये मरीज बस और एम्बुलेंस के जरिए तड़के चार बजे आगरा से सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अस्पताल पहुंचे थे. Also Read - Good News: बॉलीवुड में लौट आई बहार, फिर से शुरु होगी फिल्मों की शूटिंग

पुलिस ने बताया कि अस्पताल का मुख्य द्वार बंद होने की वजह से सभी मरीज सुबह सात बजे तक मुख्य द्वार के सामने और आस-पास सड़कों पर टहलते रहे. राजकुमार ने कहा कि आगरा प्रशासन की ओर से संवादहीनता के कारण ऐसा हुआ. कुलपति ने इसके बाद अस्पताल का मुख्य द्वार खुलवाया और मरीजों को अस्पताल के अन्दर बने कोरोना वायरस विंग मे भर्ती किया गया. Also Read - दिल्ली में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण मामले, कांग्रेस और भाजपा ने आप सरकार पर साधा निशाना

बता दें कि उत्तर प्रदेश में अब तक कोरोना के करीब 1700 मामले सामने आ चुके हैं. जबकि 26 लोगों की मौत हो चुकी है. आगरा यूपी का हॉटस्पॉट बना हुआ है. सैफई मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में कोरोना पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है.