इटावा (उत्तर प्रदेश): कोरोना वायरस (Corona Virus) पूरे देश के लिए मुश्किल बना हुआ है. मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसी मुश्किल में भी उत्तर प्रदेश में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश के आगरा से बस एवं एम्बुलेंस के जरिए सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अस्पताल भेजे गए कोरोना वायरस से संक्रमित 70 मरीज अस्पताल के बाहर तीन घंटे तक टहलते रहे. मरीजों को इधर उधर बैठना पड़ा. बताया जा रहा है कि ऐसा हॉस्पिटल का मुख्य द्वार खुला न होने की वजह से हुआ. और मरीज बाहर सड़क पर टहलते रहे. Also Read - 216 Crore Vaccine Doses To Be Available In 5 Months: अगस्त के दिसंबर के बीच मिलेंगी टीके की 216 करोड़ खुराकें, दूर होगा संकट

पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी सहित पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी चंद्र पाल सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजकुमार को इस बारे में बताया. पुलिस के अनुसार मरीजों को पानी और बिस्कुट मुहैया कराए गए. ये मरीज बस और एम्बुलेंस के जरिए तड़के चार बजे आगरा से सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय अस्पताल पहुंचे थे. Also Read - दिल्ली में Covaxin की आपूर्ति रोके जाने के आरोप पर भारत बायोटेक ने कही ये बात

पुलिस ने बताया कि अस्पताल का मुख्य द्वार बंद होने की वजह से सभी मरीज सुबह सात बजे तक मुख्य द्वार के सामने और आस-पास सड़कों पर टहलते रहे. राजकुमार ने कहा कि आगरा प्रशासन की ओर से संवादहीनता के कारण ऐसा हुआ. कुलपति ने इसके बाद अस्पताल का मुख्य द्वार खुलवाया और मरीजों को अस्पताल के अन्दर बने कोरोना वायरस विंग मे भर्ती किया गया. Also Read - UP: इटावा लॉयन सफारी में दो शेरनियां COVID-19 से पॉजिटिव मिली, आइसोलेशन में रखीं गईं

बता दें कि उत्तर प्रदेश में अब तक कोरोना के करीब 1700 मामले सामने आ चुके हैं. जबकि 26 लोगों की मौत हो चुकी है. आगरा यूपी का हॉटस्पॉट बना हुआ है. सैफई मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में कोरोना पीड़ितों का इलाज किया जा रहा है.