फिरोजाबाद: उत्‍तर प्रदेश के फिरोजाबाद की एक अदालत ने आगजनी के लगभग 19 साल पुराने एक मामले में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अजीम भाई को दोषी मानते हुए बुधवार को 10 साल की कैद की सजा सुनाई. अपर सत्र न्यायाधीश (अष्टम) केशव गोयल ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पूर्व विधायक को दोषी मानते हुए 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. मामले में दो अन्य आरोपियों को अदालत पहले ही बरी कर चुकी है. Also Read - UP: तीन साल की बच्‍ची का अपहरण कर पंजाब भागी बुआ, प्रेमी के साथ अरेस्‍ट

शासकीय अधिवक्ता प्रेम सिंह वर्मा ने बताया कि साज 2001 में दस्यु से राजनेता बनी फूलन देवी की हत्या के विरोध में फिरोजाबाद शहर के सुभाष चौराहे पर जैन मंदिर के सामने मार्ग जाम कर प्रदर्शन हुआ था और इस दौरान एक बस में आग लगा दी गई थी. Also Read - UP: Mukhtar Ansari से जुड़े लोगों की प्रॉपर्टी को लखनऊ में ढहाना शुरू किया गया

इस मामले में पूर्व विधायक अजीम भाई और संजय यादव एवं मंशाराम पर सरकारी काम में बाधा डालने और सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था. Also Read - UP पुलिस ने पूर्व एमपी धनंजय सिंह की तलाश में लखनऊ से दिल्ली तक छापे मारे

अपर सत्र न्यायाधीश (अष्टम) केशव गोयल ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पूर्व विधायक को दोषी मानते हुए 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. मामले में दो अन्य आरोपियों को अदालत पहले ही बरी कर चुकी है.

अजीम वर्ष 2002 में फिरोजाबाद सीट से सपा के विधायक रह चुके हैं और बाद में उन्हें सपा से निष्कासित कर दिया गया था. इस वक्त वह शिवपाल सिंह यादव की अगुवाई वाली प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हैं.