उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू न होने से नाराज स्वतंत्रता सेनानी चिमन लाल जैन ने खुदकुशी करने की कोशिश की। हालांकि चिमन लाल जैन के इस प्रयास को पुलिस ने बुधवार को नाकाम कर दिया। राज्य में शराबबंदी की मांग को लेकर अभियान चला रहे 97 वर्षीय जैन आगरा स्थित अपने घर में नजरबंद हैं।

जैन ने बताया कि प्रदेश में शराब की बिक्री बंद करने में राज्य सरकार पूरी तरह से नाकाम है। सरकार की इस नाकामी के विरोध में मैं ट्रेन से कटकर अपनी जान देने रेल्वे स्टेशन गया था, लेकिन पुलिस ने मुझे रोक लिया।

आगे चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस जबरदस्ती मुझे घर ले आई है जहां उन्होंने मुझे नजरबंद कर रखा है। लेकिन, जैसे ही मुझे मौका मिलेगा, मैं शराब के विरोध में अपनी जिंदगी खत्म करने का फिर प्रयास करूंगा। यह भी पढ़ें: अखिलेश यादव: शराबबंदी पर जल्दबाजी में नहीं लूंगा फैसला, लोग पिएं कम शराब

सोनू पंडित जी की फेसबुक वाल से लिया गया फाइल फोटो

सोनू पंडित जी की फेसबुक वाल से लिया गया फाइल फोटो

बीते एक साल से जैन राज्य में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर अभियान चला रहे हैं। उनका मानना है कि जीवन को बर्बाद करने में शराब का सेवन एक प्रमुख कारण है।

जैन इस विरोध में अब तक तीन बार खुदकुशी का प्रयास कर चुके हैं। लेकिन समय पर पुलिस के हस्तक्षेप से उनका हर प्रयास नाकाम हो गया। इससे पहले इस गांधीवादी नेता ने यमुना नदी में कूदकर जान देने का प्रयास किया था। लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया था।

हालांकि पुलिस अधीक्षक सुशील धुले ने इंडिया.कॉम से बात करते हुए बताया कि लोगों के पास विरोध करने का अधिकार है लेकिन पुलिस किसी को अपनी जान देने की मंजूरी नहीं दे सकती। हमने उन्हें घर में नज़रबंद कर रखा है साथ ही जैन दोबारा ऐसा कोई कदम न उठाए इसलिये हमने वहां 24 घंटे पुलिस का एक कर्मचारी तैनात रहेगा।

गौरतलब है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद उत्तर प्रदेश में कई समूहों ने इसके लिए आंदोलन शुरू किया है। आगरा में जूता बनाने वालों में शराब की लत चिंता का विषय है।