JNU छात्र अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद को की मुश्किलें फिर से बढ़ती नज़र आ रही है। दरअसल, उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी ने अपने सोशल नेटवर्किंग साइट पर यह लिख कर पोस्ट किया है की देश के लोगो को या फिर कन्हैया कुमार और उमर खालिद को यह बात मजाक लग रही होगी, मगर यह सच है की अगर दोनों ने देश की राजधानी को 31 तारीख तक नहीं छोड़ा तो इसका अंजाम बुरा होगा। अमित जानी ने दोनों को 31 मार्च तक के अटलीमेटम की बात कही है।

अमित जानी का कहना है की भारतीय जवानों के बारे में कन्हैया की कही हुई बात उन्हें बहुत दुख पहुंचाई थी। आपको बता दें की कन्हैया ने कहा था की कश्मीर में तैनात जवान लड़कियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म करते हैं। टाइम्स ऑफ़ इंडिया का कहना है की अमित द्वारा किये गए पोस्ट पर पुरे दिन के भीतर में लगभग 2000 हज़ार से ज्यादा लाइक आया था। वहीं अमित ने अपने इस प्लान को दुर्गा अष्टमी के पहले अंजाम देने का सोचा है। इसके लिए अमित ने लोगो से भी मदद मांगी है। यह भी पढ़ें: गूगल मैप में ‘राष्ट्रविरोधी’, ‘देशभक्ति’ शब्द सर्च करने पर रिजल्ट में JNU

अमित जानी द्वारा दिए गए अल्टीमेटम को अब केवल 4 दिन बाकि है। अल्टीमेटम की माने तो दोनों को दिल्ली 31 मार्च तक छोड़ देना है। जनि ने अपने पोस्ट में लिखा है की हमने खुद से कन्हैया को 31 मार्च तक का समय दिया था ऐसे में 31 मार्च से पहले हथियार लेकर JNU में घुसना अपने ही कमेटमेंट को तोड़ने जैसा काम होता। अमित जानी ने कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि 31 मार्च के बाद कब? अप्रैल मई जून या अगले साल? व्यंग करने वाले उन लोगो को बता देना चाहते है कि 8 अप्रैल से नवरात्रो की पूजा स्टार्ट हो रही है, नवरात्रो की 9 दिन की अवधि में किसी भी दिन, JNU गोलियों से गूंजेगा।