उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने मथुरा में खूनी संघर्ष में पुलिस अधिकारियों सहित जानमाल की भारी हानि को अत्यंत दु: खद और चिन्ताजनक करार देते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से इस्तीफे की मांग की है। मायावती ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा है, “इस अप्रिय घटना के लिए राज्य की सपा सरकार की अराजकतापूर्ण नीति पूरी तरह से जिम्मेदार है और यह सब यहां व्याप्त जंगलराज को दर्शाता है। इसकी जिम्मेदारी लेते हुए सपा सरकार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।” मायावती ने इस मामले की समयबद्घ न्यायिक जांच की भी मांग की है।Also Read - UP Assembly Election 2022: बसपा नेता बोले- हमारी पार्टी से निकाले गए लोगों के बल पर सत्ता में आना चाहती हैं सपा-भाजपा, लेकिन...

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उन्होंने कहा, “मथुरा के जवाहरबाग की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर हुए खूनी संघर्ष में खासतौर पर एक पुलिस अधीक्षक और एक थाना प्रभारी स्तर के पुलिस अधिकारी की मौत सपा सरकार की लचर नीतियों को साबित करती है। ऐसी नीतियों के कारण ही राज्य सरकार का कोई भी विभाग खासतौर पर पुलिस महकमे के अधिकारी-कर्मचारी कानूनी जिम्मेदारी निभाने में अपने आपको कितना असहाय, असमर्थ और मजबूर पा रहे हैं।”

मायावती ने कहा कि सपा सरकार पर सबसे बड़ा आरोप यह है कि पिछले दो वर्ष से वहां अवैध कब्जा होने दिया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि कब्जाधारियों को इस हद तक छूट क्यों दी गई कि वे अवैध हथियार वहां जमा करते गए और यहां तक कि अवैध हथियार बनाने का कारखाना तक बना लिया।

मायावती ने सवाल किया कि “अब क्या उनके परिवार को अनुग्रह राशि देकर इन परिवारों व पुलिस बल के टूटे मनोबल की क्षतिपूर्ति की जा सकती है? सपा सरकार ऐसा सोचती है तो यह उसकी गलत सोच है। समय पर उचित कार्रवाई नहीं करना व दु:खद घटना होने देना और फिर कथित तौर पर उसकी क्षतिपूर्ति घोषित करना सपा सरकार की विकृत मानसिकता को दर्शाता है।”

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मथुरा के जवाहरबाग में हुई हिंसा में अब तक पुलिस अधीक्षक मुकुल द्विवेदी और थाना प्रभारी (फरह) संतोष यादव सहित 24 लोगों के मरने की पुष्टी हुई है। इसमें 22 कब्जाधारी शामिल हैं। जवाहरबाग में शवों की तलाश अभी भी जारी है।