उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद में तीन गांवोंके लोग पुलिस उत्पीड़न के विरोध में पंचायत चुनाव के दौरान मतदान का बहिष्कार करेंगे। आरोप है कि पुलिस निर्दोष ग्रामीणों को फर्जी मुकदमों में फंसा रही है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, ग्राम हरदुआ, बड़ेरा व सुजगवां के मतदाताओं ने पंचायत चुनाव के बहिष्कार की घोषणा कर दी है।  यह भी पढ़े – उत्तर प्रदेश: माता-पिता ने अंधविश्वास में ली बच्ची की जानAlso Read - बिहार- यूपी से गए थे कश्‍मीर परिवार को गरीबी से निकालने, आतंकियों ने छीन लीं सांसें, घरों में पसरा मातम

Also Read - UP: PM मोदी 25 अक्टूबर को सिद्धार्थनगर से 7 मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे, CM योगी ने दी ये जानकारी

प्रीतम सिंह, बिहारी सिंह, विजयबीर, उत्तम सिंह, मूलचंद, महेश्वरी, रामजीवन, लखनलाल, जगदेव सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि 5 सितंबर को ग्राम बड़ेरा में अपने मामा के यहां आया एक किशोर की नदी में नहाते समय डूबने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है लिफ्टर मशीनों द्वारा अवैध तरीके से किए जा रहे रेत खनन से नदी में गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिसमें डूबकर किशोर की मौत हुई। Also Read - घर में अकेले सो रही थी चाची तभी आ गया सगा भतीजा, पहले किया रेप फिर बेरहमी से...

वहीं दूसरे दिन पंचनामा भरते समय पुलिस और ग्रामीण महिलाओं के बीच झड़प हो गई थी। एसओ (चिकासी) ने 20 नामजद व 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निर्दोष ग्रामीणों को फंसा दिया है।

ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मांग की कि इस घटना की किसी उच्चाधिकारी द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाए और पुलिस उत्पीड़न बंद कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने निर्दोष ग्रामीणों को फर्जी मुकदमों में फंसाना बंद नहीं किया तो वे 13 अक्टूबर को होने वाले पंचायत चुनाव का बहिष्कार करेंगे।