नई दिल्ली: दलित, जाट, मुस्लिम होने का दावा किए जाने के बाद अब यूपी सरकार में मंत्री चेतन चौहान ने भगवान हनुमान को खिलाड़ी बता दिया है. चेतन चौहान ने कहा ‘हनुमान जी कुश्ती लड़ते थे. वो खिलाड़ी भी थे. उन्होंने कहा कि जितने भी पहलवान लोग हैं, उनकी पूजा करते हैं, मैं उनको वही मानता हूं.

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‘वो खेलते थे, मैं उन्हें जाति में नहीं बांटना चाहता’
यूपी की बीजेपी सरकार में खेल मंत्री चेतन चौहान शनिवार को यूपी के अमरोहा में थे. इसी दौरान उन्होंने ये बयान दिया. उन्होंने कहा कि ‘हनुमान जी खेलते भी थे. वो हमारे ईष्ट हैं. भगवान् की कोई जाति नहीं होती है. मैं उनको जाति में नहीं बांटना चाहता हूं.’ बता दें कि चेतन चौहान पूर्व भारतीय क्रिकेटर हैं. वह भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे हैं.

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बीजेपी एमएलसी ने बताया था मुसलमान
ये पहला मौका नहीं है, जब हनुमान जी को लेकर लगातार इस तरह से बयान आ रहे हैं. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा एक कार्यक्रम में हनुमान को दलित, वंचित बताया गया था. इसके बाद कुछ दलित संगठनों ने हनुमान मंदिरों पर कब्जा करने का एलान कर दिया. 20 दिसंबर को बीजेपी के एमएलसी बुक्कल नवाब ने हनुमान को मुसलमान बता दिया. बुक्कल नवाब ने कहा कि हनुमान दरअसल मुसलमान थे. भगवान हनुमान का नाम इस्‍लामिक नामों से मिलता है. यही कारण है कि मुसलमानों में रमजान, फरमान, जीशान, कुर्बान जैसे नाम रखे जाते हैं जो हनुमान से मिलते-जुलते हैं.

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मंत्री लक्ष्मीनारायण ने बताया जाट
21 दिसंबर को यूपी सरकार के मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण उन्हें जाट बता दिया. मंत्री ने कहा, हम किसी भी स्वभाव से ये पता करते हैं कि ये किसके वंशज होंगे. जैसे वैश्य जाति का हम मानते हैं कि वे अग्रसेन के वंशज होंगे क्योंकि अग्रसेन महाराज स्वंय व्यापार करते थे. जाट का स्वभाव होता है कि यदि किसी के साथ अन्याय हो रहा हो तो वह बगैर किसी बात के चाहे जान पहचान हो या न हो वो उसमें जरूर कूद पड़ता है. अब वैसे ही हनुमान जी जिस तरह से राम की पत्नी सीता माता का अपहरण हुआ. रावण ने अपहरण किया. हनुमान जी भगवान राम के दास के रूप में बीच में शामिल हुए. भगवान हनुमान की प्रवृत्ति जाटों की प्रवृत्ति से मिलती है इसलिए मैंने कहा कि हनुमान जी जाट ही होंगे.