
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
यूपी के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को विधानसभा में चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 24,496.97 करोड़ रुपये की अनुपूरक अनुदान मांगें पेश कीं. वित्त मंत्री ने बताया कि इसमें केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत मिलने वाले 2,197.24 करोड़ रुपये घटाने के बाद राज्य की समेकित निधि पर करीब 22,299.74 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. सरकार का कहना है कि यह राशि कर और गैर-कर राजस्व से पूरी की जाएगी और अनावश्यक खर्चों पर सख्ती रखी जाएगी.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि यह अनुपूरक बजट करीब 24,496.98 करोड़ रुपये का है, जिसमें से 18,369.30 करोड़ रुपये राजस्व मद में और 6,127.68 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए रखे गए हैं. खास बात यह है कि यह अनुपूरक बजट इस साल के मूल बजट का केवल 3.03 प्रतिशत है, जिससे सरकार की संतुलित वित्तीय नीति का संकेत मिलता है.
इस अनुपूरक बजट में कई अहम विभागों को बड़ी राशि दी गई है. औद्योगिक विकास के लिए सबसे ज्यादा 4,874 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. बिजली क्षेत्र को 4,521 करोड़ रुपये मिलेंगे, जबकि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए 3,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं. शहरी विकास के लिए 1,758.56 करोड़ रुपये, तकनीकी शिक्षा के लिए 639.96 करोड़ रुपये और महिला एवं बाल विकास के लिए 535 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. इसके अलावा सौर और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी संस्था यूपीएनईडीए को 500 करोड़ रुपये और गन्ना व चीनी मिल क्षेत्र को 400 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.
वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि उत्तर प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी GSDP के 31.14 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो पहले के अनुमानों से ज्यादा है. उन्होंने समझाया कि अनुपूरक बजट की जरूरत तब पड़ती है, जब सालाना बजट में तय की गई राशि वास्तविक खर्च के लिए कम पड़ जाती है. सरकार का दावा है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और विकास की रफ्तार बनी हुई है.
इस अनुपूरक बजट में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को खास प्राथमिकता दी गई है. प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार और अस्पतालों की सुविधाएं बेहतर करने के लिए 423.80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूती मिलेगी. लखनऊ समेत कई जिलों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को भी इस राशि से फायदा मिलेगा. यह कदम आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
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