नई दिल्ली: उन्नाव में ज़िंदा जलाई गई रेप पीड़िता (Unnao Rape Victim Murder) की मौत लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा है. पीड़िता धधकती आग के बाद मदद के लिए एक किलोमीटर तक दौड़ती रही. जब तक मदद मिलती तब तक बहुत देर हो चुकी थी. 95 प्रतिशत जली पीड़िता की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई. पीड़िता ने मरने से पहले अपने भाई से कहा था कि ‘भैया में जीना चाहती हूं.’ इस मामले को लेकर  सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) धरने पर बैठ गए. मायावती (Mayawati) क़ानून व्यवस्था को राज्यपाल से मिलीं. वहीं, प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने इस मामले को लेकर योगी सरकार (Yogi Adityanath) पर जोरदार हमला बोला है. वहीं, यूपी सरकार अपने दो मंत्रियों को पीड़िता के घर भेज रही है. प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) उन्नाव में पीड़िता के परिवार से मिलने पहुंची. प्रियंका गांधी ने पीड़िता के परिवार से मिलकर घटना की जानकारी ली. उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि केस लड़ने और न्याय के लिए कांग्रेस उनके साथ है.

उन्नाव में ज़िंदा जलाई गई रेप पीड़िता के आखिरी शब्द- ‘भैया मैं जीना चाहती हूं, मुझे बचा लो’

जान गंवाने वाली पीड़िता के परिवार से बातचीत के बाद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि पीड़िता और उसके परिवार को पिछले एक साल से प्रताड़ित किया जा रहा था. प्रियंका गांधी ने कहा कि ये हम की नाकामयाबी है कि हम पीड़िता और उसके परिवार को न्याय नहीं दे पाए. मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उन्नाव पीड़िता के परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत दे. सामाजिक तौर पर हम सब दोषी हैं लेकिन ये उत्तर प्रदेश में खोखली हो चुकी कानून व्यवस्था को भी दिखाता है.  मैंने यहां सुना कि आरोपी बीजेपी से जुड़े हुए हैं. संपन्न लोग थे. इसीलिए उनपर सख्ती नहीं की गई.

प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने सवाल उठाया कि उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार को तत्काल पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? जिस अधिकारी ने उसका FIR दर्ज करने से मना किया उस पर क्या कार्रवाई हुई? उप्र में रोज-रोज महिलाओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसको रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है?

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प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्नाव की दिवंगत पीड़िता का परिवार अपार दुःख और गुस्से में है. साल भर से इस परिवार पर अत्याचार हो रहा था. पीड़िता के पिता को घर में घुसकर पीटा. उनका खेत जला दिया. उनकी 9 साल की पोती को स्कूल में जान से मारने की धमकी दी. महीनों केस दर्ज करने से अधिकारी टरकाते रहे. रायबरेली कोर्ट के आदेश पर FIR हुई मगर दो महीने के अंदर ही आरोपी को बेल मिल गई. पीड़िता रोज अकेले ट्रेन से राएबरेली अपना केस लड़ने जाती थी. उसे लगातार धमकाया जाता रहा. थाने में बार-बार गुहार  लगाने के बाद भी उसे कोई सुरक्षा नहीं मिलती. और एक दिन पाँच लोग मिलकर उसे जला देते हैं.

प्रियंका गांधी ने कहा सवाल उठाया कि आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? कोई तो जिम्मेदारी लेगा? सरकार किसके साथ खड़ी है? मुख्यमंत्री किसके साथ खड़े हैं? तंत्र किसके साथ खड़ा है? उत्तर प्रदेश में लड़कियों और महिलाओं के लिए कोई जगह है?