SIR से बाहर हुए लोगों को मिलेगा एक और चांस, तय हुई डेडलाइन, जानिए क्या करना होगा?

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान और डिजिटल मैपिंग के चलते लाखों मतदाताओं के नाम सूची से गायब हो गए हैं. लखनऊ और वाराणसी जैसे बड़े जिलों में यह संख्या लाखों में है.

Published date india.com Published: December 29, 2025 11:54 AM IST
SIR से बाहर हुए लोगों को मिलेगा एक और चांस, तय हुई डेडलाइन, जानिए क्या करना होगा?

UP SIR Update: यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत एक बड़ा अपडेट सामने आया है. अगर हालिया छंटनी या डिजिटल मैपिंग के दौरान आपका नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो गया है, तो निर्वाचन आयोग आपको अपना नाम वापस जुड़वाने का एक अंतिम सुनहरा अवसर दे रहा है.

31 दिसंबर 2025 को नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन के साथ ही दावा और आपत्ति की प्रक्रिया का शंखनाद हो जाएगा. इस बार उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को आधुनिक बनाने के लिए 2003 की आधार सूची से डिजिटल मैपिंग की गई.

क्यों कटे लाखों मतदाताओं के नाम?

इस तकनीकी प्रक्रिया के दौरान लाखों मतदाता मैपिंग से वंचित रह गए. इसके साथ ही, निर्वाचन आयोग ने ASD श्रेणी (Absentee, Shifted, Dead) यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत के तहत बड़ी छंटनी की है.

आंकड़े चौंकाने वाले

लखनऊ में लगभग 12 लाख नामों पर छंटनी की तलवार चली है. अकेले वाराणसी में ही 1.71 लाख से अधिक मतदाता डिजिटल मैपिंग से वंचित रह गए, जबकि कुल 5.72 लाख नाम हटाने के लिए चिह्नित किए गए हैं. अधिकांश बड़े जिलों में लाखों वोटरों के नाम वर्तमान सूची में शामिल नहीं हो सके हैं.

महत्वपूर्ण तिथियां और टाइमलाइन

अगर आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, तो आपको निर्वाचन आयोग द्वारा तय की गई समय-सीमा का पालन करना होगा. 31 दिसंबर तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन होगा. 1 से 30 जनवरी तक मतदाता अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं या नए सिरे से नाम जोड़ने के लिए ‘फॉर्म-6’ भर सकते हैं. 20 फरवरी तक प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का अंतिम निस्तारण कर दिया जाएगा.

नाम जुड़वाने के लिए क्या करें?

जिन मतदाताओं का नाम कट गया है या जिन्हें नोटिस मिला है, उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 13 प्रकार के दस्तावेजों (जैसे- आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि) में से किसी एक का उपयोग करना होगा.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

आवेदन के दो तरीके

ऑनलाइन माध्यम के जरिए आप घर बैठे ‘Voter Helpline App’ या निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं. वहीं, ऑफलाइन माध्यम से आप अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म जमा कर सकते हैं.

वाराणसी जैसे बड़े केंद्रों पर इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 156 अतिरिक्त सहायक अधिकारियों की तैनाती की गई है.

उप जिला निर्वाचन अधिकारी बिपिन कुमार ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर को मैपिंग की पूरी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी. मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे नए साल के पहले महीने में अपनी पात्रता सुनिश्चित कर लें ताकि लोकतंत्र के इस सबसे बड़े अधिकार से कोई वंचित न रहे.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.