नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से आयोजित की गई सिविल सेवा परीक्षा 2018 में देशभर में पहला स्थान प्राप्त करने वाले कनिष्क कटारिया को 55.35 फीसदी अंक मिले हैं. इससे जाहिर होता है कि सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों के मूल्यांकन में यूपीएससी कितने सख्त मानदंड अपनाता है. Also Read - 5 साल में अब तक 320 भ्रष्ट सरकारी अफसर समय से पहले रिटायर, 163 IAS, IPS, IFS भी शामिल

यूपीएससी की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, आईआईटी बंबई से बी.टेक की डिग्री हासिल कर चुके कटारिया को कुल 2025 अंकों की परीक्षा में से लिखित परीक्षा में 942 और व्यक्तित्व परीक्षण में 179 यानी कुल 1121 अंक प्राप्त हुए हैं. Also Read - छत्तीसगढ़ में 2 IAS अफसर, रायपुर के महापौर समेत अन्‍य के 25 ठिकानों पर IT के छापे

मुख्य (लिखित) परीक्षा 1750 अंकों का होता है, जबकि व्यक्तित्व परीक्षण 275 अंकों का होता है. दूसरी रैंक हासिल करने वाले अक्षत जैन को 53.3 फीसदी यानी 1080 अंक मिले. उन्हें मुख्य (लिखित) परीक्षा में 882 जबकि व्यक्तित्व परीक्षण में 198 अंक मिले. Also Read - UPSC Civil Services Prelims Notification 2020 Released: UPSC ने जारी किया Civil Services Prelims 2020 परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन, ऐसे करें अप्लाई

तीसरी रैंक हासिल करने वाले जुनैद अहमद को 53.18 फीसदी यानी 1077 अंक (मुख्य परीक्षा में 893 और व्यक्तित्व परीक्षण में 184) मिले. सिविल सेवा परीक्षा 2018 के नतीजे यूपीएससी ने पांच अप्रैल को घोषित किए थे.

इस बार यूपीएससी सिविल परीक्षा में कुल 759 उम्मीदवारों (577 पुरुष और 182 महिला) का चयन हुआ है. इनमें सामान्य श्रेणी के 361, ओबीसी के 209, एससी के 128 और एसटी के 61 उम्मीदवार शामिल हैं.

साल 2017 की सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त करने वाले दुरिशेट्टी अनुदीप को 2025 अंकों में से 55.60 फीसदी यानी 1126 अंक (लिखित परीक्षा में 950 और व्यक्तित्व परीक्षण में 176) प्राप्त हुए थे.

साल 2016 की सिविल सेवा परीक्षा की टॉपर नंदिनी के आर को 55.3 फीसदी यानी 1120 अंक मिले थे. उन्हें लिखित परीक्षा में 927 और व्यक्तित्व परीक्षण में 193 अंक प्राप्त हुए थे.