UPSSSC Tubewell Operator paper leak: उत्तर प्रदेश सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन कमिशन (UPSSSC) द्वारा नलकूप चालकों (ट्यूबवेल ऑपरेटर) की भर्ती के लिए होने वाले पेपर को लीक होने के बाद टाल दिया गया है. नलकूप चालकों की भर्ती के लिए परीक्षा आज यानी 2 सितंबर को होनी थी लेकिन परीक्षा से पहले पेपर लीक होने की वजह से इसे पोस्टपोंड कर दिया गया है. Also Read - सच्चे योगी होने का प्रूफ दें आदित्यनाथ, उन्हें नहीं पता मैंने पाकिस्तान जाकर भारत के बारे में किस तरीके से की थी: ओवैसी

इस परीक्षा का हिंदी का पेपर 1 सितंबर की रात को लीक हो गया था जिसके बाद लखनऊ डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने परीक्षा को पोस्टपोन कर दिया, नई तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है. नई तारीख की घोषणा कमिशन की ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर की जाएगी. एसटीएफ ने इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, गैंग का सरगना अमरोहा के सरकारी स्कूल के एक टीचर को बताया जा रहा है. Also Read - बिहार में सीएम योगी ने कहा- JNU में अब 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' के नारे नहीं लग सकते हैं

बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी में कहा गया है, ”श्री अरविंद कुमार चौरसिया सचिव अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के द्वारा अवगत कराया गया कि रविवार को होने वाली नलकूप चालको की परीक्षा प्रश्न पत्र लीक हो जाने के कारण अगली सूचना तक निरस्त कर दी गई है. परीक्षा के नवीन कार्यक्रम की सूचना शीघ्र ही प्रदान की जाएगी.” शनिवार को लीक होने के बाद से ही पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है.

पेपर लीक होने पर समाजवादी पार्टी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. समाजवादी पार्टी ने कहा कि प्रदेश का युवा नहीं बल्कि प्रदेश सरकार अयोग्य है. बता दें कि हाल ही में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रदेश में नौकरियों की कमी नहीं है लेकिन योग्य उम्मीदवार नहीं मिल रहे.

समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता जूही सिंह ने ट्वीटर पर योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा, ”रोजगार देंगे नहीं उत्तरप्रदेश के युवाओं को अयोग्य बताने से पहले योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार की योग्यता पर भी कुछ उपदेश दे दें क्योंकि काम तो कुछ करना नहीं है.”

UPSSSC ने नलकूप चालकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे. 20 लाख से ज्यादा लोगों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था और रविवार को ही वो परीक्षा में शामिल होने वाले थे. यह परीक्षा रविवार को सुबह 10 बजे 349 सेंटरों पर होनी थी. हालांकि यूपी में पेपर लीक का ये पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी उर्जा विभाग के जूनियर इंजीनियर परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ था.