नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (National Register of Citizens) को लेकर देशभर में अब भी विरोध प्रदर्शन जारी है. आम जनता ही नहीं बल्कि इस मामले में कई बड़े सेलेब्रिटी भी अब इसमें शामिल हो चुके हैं. ऐसे में काग्रेसी नेता व बॉलीवुड अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने भी बयान दिया है. उर्मिला ने इस कानून को काला कानून बताते हुए इसकी तुलना रौलेट एक्ट से की है. लेकिन अपनी ट्वीट उर्मिला मातोंडकर ने अपनी बयान में एक गलती कर दी है.

उर्मिला ने कहा कि अंग्रजों को पता था कि 1919 के दूसरे विश्वयुद्ध के बाद देश में विरोध बढ़ना तय है. ऐसे में वह रॉलेट एक्ट लेकर आए. अंग्रेजों द्वा लाया रॉलेट एक्ट और मोदी सरकार द्वारा 2019 में लाया नागरिकता संशोधन कानून दोनों ही इतिहास में काले कानून के रूप में दर्ज किए जाएंगे.’ बता दें कि इस बयान में उन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध का साल गलत बता दिया है. द्वितीय विश्वयुद्ध 1939 से 1945 तक चला ना कि 1919 में हुआ था. जापान के हथियार डाल देने के बाद विश्वयुद्ध की समाप्ति की घोषणा की गई थी. प्रथम विश्वयुद्ध अधिकारिक रूप से 28 जुलाई 1914 को शुरू हुआ था और 11 नवंबर 1918 को खत्म हुआ था.

आपको बता दें कि उर्मिला ने 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की तरफ से मुंबई की सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन वह चुनाव हार गईं थी. अपने संबोधन में उर्मिला ने महात्मा गांधी के हत्यारे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बापू को मारने वाला कौन था, वह एक हिंदू था और इससे अधिक भयावह मेरे लिए कुछ नहीं हो सकता.