US Violence: अमेरिका में चुनावी नतीजों को लेकर ट्रंप समर्थक और पुलिस के बीच खूनी झड़प की दुनियाभर में  निंदा की जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमेरिका के वाशिंगटन में कैपिटल बिल्डिंग में हंगामा और हिंसा पर चिंता व्यक्त की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि वाशिंगटन डीसी में दंगे और हिंसा की खबरें देखकर दुखी हूं. व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण जारी रहना चाहिए. लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध के माध्यम से विकृत नहीं होने दिया जा सकता है.Also Read - The Summit for Democracy: बाइडेन ने लोकतंत्र पर चर्चा के लिए 110 देशों को बुलाया, India के सिर्फ दो पड़ोसी शामिल

हिंसा की इस घटना पर दुनिया के नेताओं ने जताई चिंता  Also Read - COP26 World Leaders Summit: PM मोदी का ग्‍लोसगो में यूके पीएम जॉनसन और UN महासचिव ने किया स्‍वागत

बता दें कि वाशिंगटन में हजारों की संख्या में डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों ने कैपिटल हिल पर कब्जा करने की कोशिश की, सीनेट में बवाल काटा. इस घटना पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्वीट कर कहा है कि अमेरिका से जैसी खबरें आ रही हैं, वो चिंता बढ़ाने वाली हैं सभी को शांति से काम लेना चाहिए. उनके अलावा कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो, ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन, न्यूजीलैंड की पीएम जेसिंडा ने भी ट्विटर के जरिए अमेरिकी हिंसा की निंदा की है. Also Read - China-Taiwan conflict: बन रहे युद्ध जैसे हालात, अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कह दी ये बड़ी बात

कैपिटल बिल्डिंग में हंगामा पर कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि हिंसा कभी भी लोगों की इच्छा पर काबू पाने में सफल नहीं होगी. अमेरिका में लोकतंत्र को बरकरार रखा जाना चाहिए, और यह होगा.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कही ये बात…

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि, “ऐसी परिस्थितियों में यह महत्वपूर्ण है कि राजनीतिक नेता अपने समर्थकों को हिंसा से दूर रहने के लिए, साथ ही साथ लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और कानून के शासन का सम्मान करने की आवश्यकता पर प्रभाव डालते हैं.”

अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडेन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, बिल क्लिंटन ने हिंसा के लिए डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया और अपने समर्थकों को समझाने की अपील की.

गौरतलब है कि अमेरिका के वाशिंगटन में हुई इस हिंसा में एक महिला की मौत हो गई है, जबकि पुलिस के साथ झड़प में कई प्रदर्शनकारी घायल भी हो गए हैं. अमेरिका में हजारों की संख्या में ट्रंप समर्थकों ने सीनेट का घेराव करने की कोशिश की, नारेबाजी करते हुए सीनेट में घुसकर कई क्षेत्रों में कब्जा भी किया.

हालांकि, नेशनल गार्ड्स और अन्य सुरक्षाबलों ने सभी प्रदर्शनकारियों को बाहर निकाल दिया. अब एक बार फिर अमेरिकी कांग्रेस में काम शुरू हो गया है.