वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और पाकिस्तान ने कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शांति बनाए रखने और क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाले बयानबाजी से बचने की अपील करेंगे. यह बात रविवार को अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में कही गई. राष्ट्रपति ट्रंप दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को भारत आ रहे हैं. Also Read - डोनाल्ड ट्रंप ने दी सलाह- आराम से बैठें, सलीके से पेश आएं, हाथ धोएं और अमेरिका पर गर्व करें

डॉन की एक रिपोर्ट में रविवार को कहा गया कि ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को राष्ट्रपति के दौरे के संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान भारत के नेताओं से बातचीत करेंगे. Also Read - कोरोना से निपटने को अमेरिका ने भारत को दिए 29 लाख डॉलर, वेंटिलेटर भी भेजने को तैयार

अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति एक बार फिर कश्मीर मसले पर मध्यस्थता करने की पेशकश करेंगे तो उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने पर जोर देते हैं और दोनों देशों को द्विपक्षीय वार्ता के जरिए आपसी मतभेदों को सुलझाने को प्रोत्साहित करते हैं.” Also Read - Coronavirus: मेडिकल कॉलेज के डीन की पत्नी संक्रमित, 100 से अधिक डॉक्‍टर-कर्मचारी आइसोलेशन में

अधिकारी ने कहा, “हमारा मानना है कि दोनों देशों के बीच वार्ता की सफलता पाकिस्तान द्वारा उनके क्षेत्र में आतंकियों और उग्रवादियों पर लगाम लगाने के प्रयासों पर निर्भर करती है. इसलिए हम उस ओर लगातार नजर बनाए हुए हैं.”

अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान धार्मिक स्वतंत्रता का मसला प्रमुख रहेगा. उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि राष्ट्रपति दोनों देशों से नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखने और क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाले बयानों से बचने की अपील करेंगे.”

उनसे जब यह पूछा गया कि तालिबान के साथ शांति समझौते के बाद अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद क्या राष्ट्रपति ट्रंप भारतीय सेना से अफगानिस्तान में शांति बहाल करने की अपील करेंगे तो उन्होंने कहा, “हम भारत को प्रोत्साहित करेंगे क्योंकि हम सभी क्षेत्रीय देश हैं जो शांति की प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं ताकि यह सफल हो सके.”

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे तो वह दोनों देशों के लोकतंत्र और धार्मिक स्वतंत्रता की साझी परंपरा के संबंध में बातचीत करेंगे. अधिकारी ने कहा, “वे इन मुद्दों को उठाएंगे, खासतौर से धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा जोकि इस प्रशासन के लिए काफी अहम है. ”

अधिकारी ने कहा, “मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठकों में राष्ट्रपति इन मुद्दों के संबंध में बातचीत करेंगे और बताएंगे कि दुनिया भारत की ओर देख रही है कि वह लोकतांत्रिक परंपराओं को बनाए रखे और धार्मिक अल्पसंख्यकों का सम्मान करे.”