लखनऊ: उत्तर प्रदेश में तीन कोरोना (Corona Virus) संदिग्धों ने खुद ही सरकार को आरोग्य एप (Arogya App) के माध्यम से अपने बारे में सूचित किया और उनके नमूने अब जांच के लिए भेजे गए हैं. तीनों व्यक्तियों ने आरोग्य सेतु एप डाउनलोड किया था और स्व-मूल्यांकन के लिए प्रश्नावली भरी थी जो यूजर्स को संक्रमण का जोखिम स्तर बताता है. Also Read - बोनी कपूर और बेटियों समेत सामने आई स्टाफ मेंबर्स की कोरोना रिपोर्ट

चूंकि उनका जोखिम स्तर अधिक था, इसलिए एप ने उन्हें परीक्षण के लिए हेल्पलाइन से संपर्क करने या स्वास्थ्य मंत्रालय को जानकारी देने के लिए विकल्प प्रदान किए. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय को सूचित करने का विकल्प चुना, जिसने फिर राज्य सरकार को सूचित किया. Also Read - पाकिस्तान के सरकारी कर्मचारियों का वेतन हो सकता है फ्रीज, आईएमएफ ने कही ये बड़ी बात

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने कहा, “सरकार से तीनों का नाम, पता और फोन नंबर लेने के बाद हमने अपने कर्मचारियों को नमूने लेने के लिए भेजा, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है.” उन्होंने कहा कि अगर लोग आरोग्य एप डाउनलोड करते हैं, तो इससे सरकार को काफी मदद मिलेगी क्योंकि वे स्थिति की गंभीरता को महसूस कर सकेंगे और खुद संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट कर सकते हैं, जैसा कि इन मामलों में हुआ है. Also Read - Darwin Cricket League T20: ऑस्ट्रेलिया में T20 टूर्नामेंट का सजा मंच, पहले दिन खेले जाएंगे 6 मैच

बता दें कि पीएम मोदी ने भी इस एप का इस्तेमाल करने की अपील की थी. इसके बाद देश में करोड़ों लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं. इस एप में कई सवाल किये जाते हैं जिसके जवाब के आधार पर तय होता है कि आप कितने सुरक्षित हैं. अगर सवालों के जवाब के आधार पर कोई दिक्कत निकलती है तो तुरंत संपर्क किया जाता है.