Uttar Pradesh Government Old Age Home Initiatives For Transgender All Detail
फ्री में रहने-खाने का इंतजाम, हर महीने जेब खर्च भी, जानें कहां और किनके लिए चल रही ये स्कीम
2021 में उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कल्याण नीति लागू की गई. इसी वर्ष उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड का गठन किया गया, जो योजनाओं की निगरानी आदि की जिम्मेदारी संभालता है.
यूपी में अब तक 1,067 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं. (फेसबुक)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की BJP सरकार ने प्रदेश में सामाजिक समरसता और समावेशी विकास की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है. अब राज्य में 60 साल से ज्यादा उम्र के ट्रांसजेंडरों को वृद्धाश्रम की सुविधा मिलेगी. इससे उन्हें न सिर्फ आश्रय मिलेगा, बल्कि एक सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का मौका भी दिया जाएगा. वृद्धाश्रम में ये ट्रांसजेंडर फ्री में रह सकेंगे. खाना खा सकेंगे. यहां तक कि उन्हें पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी सेवाएं भी दी जाएंगी.
कई शहरों में ट्रांसजेंडर लोग अब सिर्फ पारंपरिक कामों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, पुलिस और सामाजिक कार्यों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं. हालांकि भेदभाव, बेरोजगारी और सामाजिक स्वीकार्यता की कमी जैसी चुनौतियां अब भी मौजूद हैं. इसके बावजूद समुदाय के लोग अपने अधिकारों और सम्मानजनक जीवन के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं.
2021 में लागू हुई थी कल्याण नीति
2021 में उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए कल्याण नीति लागू की गई. इसी वर्ष उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड का गठन किया गया, जो योजनाओं की निगरानी आदि की जिम्मेदारी संभालता है. योगी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रदेश में ट्रांसजेंडर समुदाय को समान अधिकार, गरिमा और अवसर मिले.
प्रदेश में ट्रांसजेंडरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए उनका रजिस्ट्रेशन भी किया जा रहा है. ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश सरकार ने हर जिले में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल बनाए हैं. डीएम की देखरेख में इस सेल का ऑपरेशन किया जा रहा है.
ट्रांसजेंडरों को मिलेंगी और कौन-कौन सी सुविधाएं?
इस वृद्धाश्रमों में ट्रांसजेंडरों को अच्छा खाना, रेगुलर हेल्थ चेकअप, मेडिसीन, मेडिकल हेल्थ केयर, मेंटल हेल्थ की मदद और काउंसलिंग सर्विस मिलेंगी. इसके साथ ही वृद्धाश्रमों में सामुदायिक गतिविधियों, लाइब्रेरी, योगा और मेडिटेशन सेशन चलाए जाएंगे, ताकि लाइफ में पॉजिटिविटी बनी रहे.
अब तक 1,067 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं. जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो रही है. साथ ही 248 ट्रांसजेंडर छात्रों को स्कॉलरशिप दी जा रही है.
क्या कहती है सरकार?
प्रमुख सचिव, समाज कल्याण एल. वेकेंटेश्वर लू ने कहा कि आने वाले समय में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए और योजनाएं लाई जाएंगी, ताकि उनका सामाजिक, आर्थिक और मानसिक सशक्तीकरण हो सके.
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