नई दिल्ली. लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में एक मल्टीनेशनल कंपनी के मैनेजर को कथित तौर पर यूपी पुलिस के सिपाही द्वारा गोली मारने के मामले ने तुल पकड़ लिया है. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि मामले की जांच हो रही है. अगर किसी निर्दोष व्यक्ति की पुलिस ने हत्या कर दी है तो इसकी जांच होनी चाहिए. दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं, डीजीपी ने कहा है कि दोनों कॉन्स्टेबल शाम तक बर्खास्त हो जाेंगे.
वहीं, आरोपी कॉन्स्टेबल का कहना है कि घटना के वक्त रात के 2 बज रहे थे. मैंने एक संदिग्ध कार देखी, जिसकी लाइट बंद थी. जब मैं कार के पास पहुंचा तो ड्राइवर विवेक तिवारी ने तीन बार कार को मेरे ऊपर चढ़ाकर मारने की कोशिश की. मैंने अपनी रक्षा में गोली चलाई. इसके बाद वह तुरंत ही वह वहां से भाग गया.दूसरी तरफ विवेक तिवारी के साथ कार मैं मौजूद उसकी दोस्त का कहना है कि मैं कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हूं. मैं बस चाहती हूं कि दोषी को सजा मिले. मैं सच्चाई छुपाने के लिए किसी भी दबाव में नहीं हूं.

कार न रोकने पर ऐपल कंपनी के मैनेजर को कॉन्स्टेबल ने मारी गोली, मौत के बाद उठे कई सवाल

लोहिया अस्पताल के डॉयरेक्टर का कहना है कि विवेक तिवारी के दाएं कान के पास गोली लगी थी. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. इस मामले में शामिल दो पुलिस कॉन्स्टेबल रात 9 बजे हॉस्पिटल आए थे. ड़ॉ ने उन्हें देखा और उनके एस्क-रे रिपोर्ट का इंतजार है. विवेक तिवारी के चाचा तिलकराज तिवारी का कहना है कि ये स्पष्ट रूप से मर्डर का केस है. मैं एक पुलिस इंस्पेक्टर रह चुका हूं. मैं जानता हूं कि कोई व्यक्ति कभी भी गर्दन पर गोली नहीं मारेगा. योगी सरकार में इस तरह की घटना अबतक नहीं हुई थी.

यूपी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने कहा, यह एक दुखद घटना है. इस केस में आईपीसी की धारा 302 के तहत मर्डर का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि ठोड़ी के लेफ्ट साइड में उसे गोली लगी है. मामले की जांच की जा रही है. आनंद कुमार ने आगे कहा, इस केस में कानून का उल्लंघन हुआ है. अगर स्थिति फायरिंग की घटना बताती है तो कार के टायर पर गोली चलानी चाहिए थी. यहां तक ये भी करना सही नहीं था. यह हमारे लिए एक शर्मनाक घटना है.वहीं लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा है कि मामले की जांच के लिए एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया गया है. मैंने खुद ही डीएम को इसकी जांच के लिए निवेदन किया है.

मृतक की पत्नी ने ये कहा
मृतक की पत्नी ने कहा, दो बजे तक वह अपने पति को लगातार फोन मिला रही थीं, लेकिन उनका फोन नहीं उठ रहा था. 3 या 3.15 के बीच एक आदमी ने फोन उठाया और बताया कि मेरे पति और एक मैडम को चोट लग गई है और लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है. उस आदमी ने खुद को लोहिया का कर्मचारी बताया. पुलिस का फोन क्यों नहीं आई. मैं अभी जाकर देख कर आ रही हूं तो मालूम हुआ कि गाड़ी को सामने से गोली चलाई गई है. मैं पुलिस की बात मानती हूं कि वह लड़की के साथ संदिग्ध हालत में थे. अगर ऐसा होता तो तुम पकड़ते कार्रवाई करते. वह गाड़ी नहीं रोक रहे थे तो तुम नंबर से आरटीओ ऑफिस से उनका पता मालूम करते और यहां आकर गिरफ्तार करते. इस पूरे मामले में पुलिस लीपापोती कर रही है. मैं मांग करती हूं कि मुख्यमंत्री हमसे बात करें उसके बाद ही डेडबॉडी का अंतिम संस्कार होगा.