देहरादून: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सोमवार को गंगोत्री से लौट रहा एक टैम्पो ट्रैवलर बारिश के कारण पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन की चपेट में आकर खाई में गिर गया जिससे इसमें सवार तीन महिलाओं समेत 13 व्यक्तियों की मौत हो गई. उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि ऋषिकेश—गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भटवाडी से आठ किलोमीटर आगे शंगलाई में हुए इस सड़क हादसे में मारे गए सभी व्यक्तियों के शव निकाल लिए गए हैं. Also Read - Uttarakhand में फिर इस तरह हुआ भूस्‍खलन, सामने आया पहाड़ टूटने का ये वीडियो

उन्होंने बताया कि मरने वालों में तीन महिलायें भी शामिल हैं. हादसे में 13 और 15 वर्ष उम्र की दो लड़कियां गंभीर रूप से घायल हुई हैं जिनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें देहरादून रेफर कर दिया गया है. पटवाल ने बताया कि मिली जानकारी के अनुसार कुल 15 यात्रियों को लेकर टैम्पो ट्रैवलर गंगोत्री से लौट रहा था और रास्ते में पहाड़ी से गिर रहे भूस्खलन के मलबे के कारण चालक अपना नियंत्रण खो बैठा तथा वाहन नीचे खड्ड में जा गिरा. Also Read - Rishi Ganga में Glacier Burst के बाद बनी झील का फ्लो बढ़ाया जा रहा है, सामने आया ये वीडियो

उन्होंने बताया कि घटनास्थल के नीचे भागीरथी नदी बह रही है जो बारिश से उफान पर है, लेकिन वाहन नदी तक पहुंचने से पहले ही खाई में अटक गया. अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन मोचन बल की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और तलाशी और बचाव अभियान चलाया गया. उन्होंने बताया कि हादसे के शिकार सभी व्यक्ति पास के संगमचट्टी क्षेत्र के निवासी थे और संभवत: जन्माष्टमी के अवसर पर गंगोत्री में गंगा स्नान कर वापस लौट रहे थे. Also Read - भारतीय वायुसेना और नेवी के जवानों ने मिलकर मापी तपोवन में 'कुदरती झील' की गहराई, जानिए क्या है इसका साइज

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तरकाशी में हुए हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.फिलहाल सिंगापुर के दौरे पर गये मुख्यमंत्री ने गंगोत्री के विधायक गोपाल रावत से फोन पर घटना की पूरी जानकारी ली और उन्हें संबंधित अधिकारियों के सम्पर्क में रहते हुए घायल व्यक्तियों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये . यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने मृतकों के आश्रितों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये हैं.