देहरादून: उत्तराखंड के आपदाग्रस्त उत्तरकाशी जिले में बचाव और राहत कार्यों में लगे एक हेलीकॉप्टर के बुधवार को मोल्डी के निकट दुर्घटनग्रस्त होने से उसमें सवार एक पायलट समेत सभी तीन व्यक्तियों की मौत हो गयी. उधर, हादसे को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दुख व्यक्त किया है. साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है.

 

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि निजी कंपनी का यह हेलीकॉप्टर राहत सामग्री लेकर आपदा प्रभावित क्षेत्र मोरी में एक गांव से दूसरे गांव जा रहा था कि तभी वह मोल्डी गांव के पास तारों में उलझकर क्रैश हो गया. उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में कैप्टन लाल, सह-पायलट शैलेश और एक स्थानीय व्यक्ति राजपाल राणा की मौके पर ही मौत हो गयी. उत्तरकाशी जिले के मोरी क्षेत्र में गत रविवार को बादल फटने और लगातार भारी बारिश से हुए भूस्खलन की घटनाओं में 70 किलोमीटर क्षेत्र के कुल 51 गांव प्रभावित हुए और कई भवन ढह गये. इसमें 15 व्यक्तियों की मौत हो गई. इन घटनाओं में छह अन्य व्यक्ति लापता भी हो गए. आठ अन्य व्यक्ति इनमें घायल भी हुए हैं जिनका प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है.


सीएम रावत ने की 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को आपदा-ग्रस्त उत्तरकाशी जिले में राहत सामग्री वाले हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने पर दुख व्यक्त किया है. ट्विटर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर दुखद है. ईश्वर से मृतात्माओं की शांति और उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं. बता दें कि आपदा ग्रस्त उत्तरकाशी जिले में बचाव और राहत कार्यों में लगा हेलीकॉप्टर आराकोट के समीप वायर से बचने के प्रयास में पहाड़ से टकरा गया, इस दुर्घटना में कैप्टन लाल, कैप्टन शैलेश एवं ग्राम खरसाली के राजपाल राणा की मृत्यु हो गई. मुख्यमंत्री ने सभी मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है.