Uttarakhand Assembly Election 2022: उत्तराखंड भाजपा ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले अपने बूथ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए राज्यभर में अपनी बूथ समितियों का सत्यापन शुरू कर दिया है. भाजपा उत्तराखंड ने बूथ समितियों के अस्तित्व को सत्यापित करने के लिए ‘बूथ सत्यापन अभियान’ शुरू किया है. भगवा पार्टी ने अपनी राज्य इकाइयों को विशेष रूप से मतदान करने वालों को प्रत्येक मतदान केंद्र पर पार्टी कार्यकर्ताओं की एक समिति बनाने का निर्देश दिया है. बूथ समिति में महिलाएं, युवा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, भूतपूर्व सैनिक, अन्य पिछड़ी जाति और समाज के अन्य वर्ग शामिल हैं.Also Read - Rajasthan: विधानसभा में विवाह पंजीकरण संशोधन बिल-2021 पारित, बीजेपी ने बताया काला कानून, किया वॉकआउट

बूथ कमेटियां बनी हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए अब भाजपा ने सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है. पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं तक सत्यापन का काम सौंपा गया है. तीन नेताओं का एक समूह बूथ समिति की सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करता है, जिसमें पार्टी नेतृत्व, बूथ अध्यक्ष और ब्लॉक प्रभारी या अध्यक्ष द्वारा नियुक्त एक सत्यापनकर्ता शामिल होगा. Also Read - Maharashtra News: महाराष्ट्र में क्या फिर साथ आने वाले शिवसेना-BJP? उद्धव ठाकरे के इस बयान से लग रहीं अटकलें...

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि नेतृत्व के बार-बार और स्पष्ट निर्देश के बावजूद बूथ समितियों के गठन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है. उन्होंने कहा, “कई जगहों पर, समितियां केवल कागजात या सदस्यों के रिकॉर्ड पर मौजूद हैं जो मेल नहीं खाते हैं. इसलिए पार्टी नेतृत्व ने राज्य भर में सभी बूथ समितियों को एक विशेष अभियान में सत्यापित करने का फैसला किया है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा.” Also Read - शिवसेना का तंज, 'कभी सोनू सूद की तारीफ करती थी भाजपा, अब उन्हें मानती है ‘टैक्स चोर’'

एक अन्य वरिष्ठ नेता ने समझाया, प्रत्येक बूथ का भौतिक सत्यापन किया गया है और एक रिपोर्ट राज्य नेतृत्व को भेजी जाएगी. “पार्टी नेताओं का पैनल बूथों पर बैठक कर रहा है और सत्यापन जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है. कई सदस्य हैं, जो बहुत सक्रिय नहीं हैं या जिन्होंने अपने फोन नंबर बदले हैं, जिन्हें अब अपडेट किया जा रहा है. कई जगहों पर अनिवार्य 21 सदस्य समिति अभी तक गठित नहीं हुई है. ये ऐसी चीजें हैं जिन्हें उत्तराखंड में ‘बूथ सत्यापन अभियान’ के दौरान सत्यापित किया जाता है.” राज्य में पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा, “इस अभियान से हमें ऊजार्वान और सक्रिय कार्यकर्ताओं की पहचान करने में मदद मिलेगी.”