Uttarakhand Assembly Election 2022: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने यूपीए की मनमोहन सरकार (Manmohan Singh) के कार्यकाल में इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर 10 साल तक देश में केवल घोटाले और घपले का आरोप लगाते हुए तुष्टिकरण की नीति को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है. देवभूमि उत्तराखंड के देहरादून में 18 हजार करोड़ रुपए की कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के दौरान बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी कांग्रेस पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि जो देश भर में बिखर रहे हैं वो बिखरे हुए लोग उत्तराखंड को निखार नहीं सकते हैं. उन्होंने विरोधी दल पर तुष्टिकरण की राजनीति करने केवल वोट बैंक के लिए काम करने के साथ-साथ देश को तोड़ने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि भाजपा सबका साथ सबका विकास के मिशन के साथ काम कर रही है और इसलिए डबल इंजन की सरकार में उत्तराखंड में तेजी से विकास के काम हो रहे हैं. दरअसल, उत्तराखंड में विधान सभा (Uttarakhand Vidhansabha Chunav 2022) चुनाव होने वाले हैं और इसे देखते हुए प्रधानमंत्री के इस देहरादून दौरे को काफी अहम माना जा रहा है.Also Read - UP Election 2022: तीसरे व चौथे चरण के लिए उम्मीदवारों के नाम पर BJP में मंथन, चार घंटे चली मीटिंग

पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड पूरी देश की आस्था ही नहीं, बल्कि कर्म और कठोरता की भी भूमि है. इसलिए इस क्षेत्र का विकास, इस क्षेत्र को भव्य स्वरूप देना, डबल इंजन की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अगले 5 वर्षो को इस पहाड़ी राज्य के लिए काफी अहम बताते हुए कहा कि आने वाले 5 वर्ष उत्तराखंड को रजत जयंती की तरफ ले जाने वाले हैं और ऐसा कोई लक्ष्य नहीं हैं, जो उत्तराखंड हासिल नहीं कर सकता है. Also Read - UP Election 2022: आगरा में 6 उम्मीदवारों ने चुनाव के लिये नामांकन किया, एक ट्रांसजेंडर भी मैदान में

दरअसल, उत्तराखंड में विधान सभा चुनाव होने वाले हैं और इसे देखते हुए प्रधानमंत्री के इस देहरादून दौरे को काफी अहम माना जा रहा है. इसलिए भाजपा के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री मोदी ने जहां मंच से एक तरफ विरोधी कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा, अपने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ की , प्रदेश में भाजपा के पास मौजूद कई दिग्गज और अनुभवी नेताओं का जिक्र किया, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की जनता को डबल इंजन सरकार के फायदे के बारे में बताते हुए विकास के काम भी गिनवाए. उन्होंने कहा सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्च र पर भी पहले की सरकारों ने उतनी गंभीरता से काम नहीं किया, जितना करना चाहिए था. बॉर्डर के पास सड़कें बनें, पुल बनें, इस ओर उन्होंने ध्यान नहीं दिया. यूपीए के 10 साल के कार्यकाल में देश में इंफ्रास्ट्रक्च र के नाम पर घोटाले और घपले का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इसकी वजह से देश का जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई के लिए हमारी सरकार दोगुनी गति से मेहनत के साथ काम कर रही है. Also Read - Zee Opinion Poll: उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनती है तो क्या आप बनेंगे मुख्यमंत्री? जानें हरीश रावत का जवाब...

दोनों सरकारों के कामकाज की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूपीए सरकार के 7 साल के कार्यकाल में 2007 से 2014 के बीच उत्तराखंड में केवल 288 किलोमीटर नेशनल हाईवे बनाया गया, जबकि हमारी सरकार ने अपने सात साल में उत्तराखंड में 2 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई के नेशनल हाईवे का निर्माण किया है. दिल्ली-देहरादून इकॉनॉमिक कॉरिडोर के शिलान्यास पर खुशी जाहिर करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब ये बनकर तैयार हो जाएगा तो, दिल्ली से देहरादून आने-जाने में जो समय लगता है, वो करीब-करीब आधा हो जाएगा. केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केदारनाथ त्रासदी से पहले, 2012 में 5 लाख 70 हजार लोगों ने दर्शन किये थे. ये उस समय एक रिकॉर्ड था. जबकि कोरोना काल शुरू होने से पहले, 2019 में 10 लाख से ज्यादा लोग केदारनाथ जी के दर्शन करने पहुंचे थे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन का मामला हो या सेना को आधुनिक हथियार और साजो-सामान उपलब्ध कराने का मसला हो या फिर आतंकियों को मुंह-तोड़ जवाब देने के लिए सेना को खुली छूट देने का मामला हो , हर स्तर पर पिछली सरकार सेना को हतोत्साहित करने में लगी हुई थी. उन्होंने पहाड़ों में रहने वालों का जीवन सुगम बनाने को देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए कहा कि हमारे पहाड़, हमारी संस्कृति, आस्था के गढ़ तो हैं ही, ये हमारे देश की सुरक्षा के भी किले हैं. दरअसल, भाजपा 2022 के विधान सभा चुनाव में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ उतर रही है. 5 वर्ष के कार्यकाल में राज्य में तीन मुख्यमंत्री बना चुकी भाजपा चुनाव जीतने के लिए काफी हद तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही निर्भर है. इसलिए प्रधानमंत्री लगातार राज्य का दौरा कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं.