देहरादून| हिंदू मान्यताओं के अनुसार चारधाम की यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यही कारण हैं कि दुनियाभर से लोग चार धाम की यात्रा करने पहुंचते हैं. इस बार उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. चारधाम की इस यात्रा को शुरू हुए महज बीस दिन ही बीते हैं. लेकिन एक खबर यह भी इस यात्रा के दौरान सामने आ रही है कि अब तक यात्रा के दौरान 17 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है.

उत्तराखंड की यह यात्रा कठिन मार्गों से होकर गुजरती है. खबरों के मुताबिक सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ पैदल मार्ग पर हुई हैं. केदारनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को तकरीबन 18 किलोमीटर यात्रा पैदल चलकर करनी पड़ती है. इस साल इसी यात्रा के दौरान अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी हैं. एक यात्री की मौत सिर पर चोट लगने कारण हुई. बता दें गिरिराज हिमालय की केदार नामक चोटी पर यह मंदिर स्थित है. देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग. केदारनाथ धाम और मंदिर तीन तरफ पहाड़ों से घिरा है.

वहीं चारधाम की इस यात्रा में अब तक लगभग 8 लाख के करीब भक्त केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं. जिसमें बद्रीविशाल में भक्तों के पहुंचने की संख्या तकरीबन डेढ़ लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है. बद्रीनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री की यात्रा में 8 भक्तों का निधन हो चूका है. इस यात्रा में हार्ट अटैक से मरने वालो की संख्या अधिक है. गौरतलब हो कि इस तरह की परिस्थतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने जगह जगह मेडिकल कैंप की व्यवस्था कर रखी है.

गौरतलब हो कि वर्ष 2013 में भीषण प्राकृतिक आपदा के कारण पटरी से उतर गयी थी. लेकिन इस बार जब चारधाम की यात्रा की शुरुवात हुई तो खुद प्रधानमंत्री तीन मई को केदारनाथ के कपाट खुलने वाले दिन भगवान शिव के दर्शनों को आये थे, वहीं राष्ट्रपति छह मई को बदरीनाथ के कपाट उद्घाटन के मौके पर वहां पहुंचे थे. चमोली जिले में उच्च हिमालयी क्षेत्र में दस हजार फुट से ज्यादा की उंचाई पर स्थित बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने वाले दिन ही 32,700 श्रद्वालुओं ने भगवान विष्णु के दर्शन करने पहुंचे थे.