देहरादून: अपनी सरकार के पूरी तरह भ्रष्टाचार से मुक्त होने का दावा करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को कहा कि बेनामी संपत्ति को जब्त करने के लिये उनकी सरकार जल्द एक कठोर कानून लाएगी. यहां एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि बेनामी सम्पत्तियों को जब्त कर उनका जनहित में उपयोग किया जाएगा.

 

भ्रष्टाचार के विरूद्ध धर्मयुद्ध की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमेशा ही यह प्रयास किया है कि उनकी सरकार अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने वाली, विकास के लिए काम करने वाली तथा भ्रष्टाचार मुक्त हो. इस दिशा में तेजी और काफी मजबूती से कार्य किये जाने की बात कहते हुए रावत ने कहा कि आज वह पूर्ण विश्वास से कह सकते हैं कि उनकी सरकार एक भ्रष्टाचार मुक्त सरकार है. उन्होंने कहा कि किसी भी भ्रष्टाचारी को बर्दाश्त नही किया जाएगा, चाहे वह कोई भी हो. उन्होंने कहा कि हमने भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए कई कदम उठाये हैं और भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की गई है.

भ्रष्टाचार मुक्त विकास करना ही संकल्प
उन्होंने जोर देकर कहा कि हर क्षेत्र में भेदभाव रहित तथा भ्रष्टाचार मुक्त विकास करना ही उनका संकल्प है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल्द ही बेनामी सम्पत्ति पर कठोर कानून लाकर सभी बेनामी सम्पत्तियों को जब्त किया जाएगा और उन जब्त बेनामी संपत्तियों का उपयोग स्कूल, अस्पताल आदि जनहित कार्यों में किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पिछले साल अक्टूबर में आयोजित ‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड’ के बाद मात्र 10 महीने में 16000 करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है, जिससे 40 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा. (इनपुट एजेंसी)