संसद में मंगलवार को जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ। उत्तराखंड मामले को लेकर विपक्ष के नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। तो वहीं इस मसले पर अपने दल का समर्थन करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा की 68 साल के इतिहास में ये पहली बार हुआ जब 67 में से 35 सांसदों ने लिखकर दिया कि वो सरकार के खिलाफ हैं। उत्तराखंड की सरकार अल्पमत में थी और इस कारण वहां पर राष्ट्रपति शासन लगाया गया है। लेकिन इस बयान के बाद भी हंगामा नही थमा और लोकसभा को स्थगित करना पड़ा। Also Read - दिनेश त्रिवेदी ने बताई TMC छोड़ने की वजह, बोले- मेरे ट्विटर अकाउंट से करते थे अपशब्द वाले ट्वीट

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आपको बता दें की सोमवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन का मुद्दा उठाया था। इससे पहले सोमवार के दिन उत्तराखंड मामले को लेकर हुए हंगामे के कारण लोकसभा में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो सका था। जबकि राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी थी। लेकिन मंगलवार को इन सब के बीच कांग्रेस सदस्य “मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी’, “मोदी सरकार होश में आओ’ के नारे लगाते रहे। लेकिन इन सब चहल पहल के बीच आज राज्यसभा के नए मेम्बर्स ने सपथ लिया।यह भी पढ़ें : प्रधामनंत्री को संसद के सुचारु संचालन की उम्मीद Also Read - Big Breaking News: टीएमसी के राज्यसभा सांसद दिनेश त्रिवेदी ने दिया इस्तीफा, कहा- दम घुट रहा है

आज भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अपने अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने का व्हिप जारी किया है। भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार तक दोनों सदनो में अपने सभी सांसदों को मौजूद रहने का व्हिप जारी किया है। तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने आज राज्यसभा में अपने सभी सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दिया है। बता दें कि सोमवार को शुरू हुआ संसद सत्र उत्तराखंड पर संग्राम की भेंट चढ़ गया था। वहीं उम्मीद थी की आज कुछ अहम चर्चा हो सकती है लेकिन मामला आज खटाई में पड़ता नजर आ रहा है।