उत्तराखंड में चल रही सियासी उठापटक के बीच कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मामले में नैनीताल उच्च न्यायालय में शनिवार दोपहर करीब दो बजे सुनवाई होगी। इस मामले में बागियों ने शुक्रवार को अदालत में अपना जवाब दाखिल कर दिया था। ज्ञात हो कि विधानसभा अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल ने 27 मार्च को आदेश जारी कर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सहित नौ बागी विधायकों की सदस्यता निरस्त कर दी थी।

उच्च न्यायालय ने भी इस फैसले पर अपनी मुहर लगाई थी। बागियों ने विधानसभा अध्यक्ष के उस आदेश को फिर से उच्च न्यायलय में चुनौती दी थी।न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की एकलपीठ में दाखिल याचिका में कहा गया है कि उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी थी, बल्कि वे केवल सरकार के खिलाफ गए थे।इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने अपने जवाब में कहा था कि उत्तराखंड विधानसभा में 18 मार्च को विनियोग विधेयक सदन संचालन की नियमावली व संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप पारित हुआ था। ये भी पढ़ें: उत्तराखंड मामला: हरीश रावत कैबिनेट ने लिए 13 बड़े फैसले

दलबदल कानून के तहत सुनवाई का पर्याप्त अवसर देकर बागी विधायकों पर कार्रवाई की गई। पूर्व में दिए गए उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में विधानसभा अध्यक्ष ने सोमवार को अपना जवाब दाखिल कर दिया था। कोर्ट ने इस प्रकरण पर अगली सुनवाई के लिए 23 अप्रैल की तिथि निश्चित की थी। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बागी विधायक विजय बहुगुणा का कहना है कि उनकी सदस्यता जिस आधार पर खत्म की गई, वह गलत है। उच्च न्यायालय के फैसले का उन्हें इंतजार रहेगा।