देहरादून: उत्तराखंड (Uttarakhand) के अल्मोड़ा जिले में स्थित जागेश्वर धाम (Jageshwar Dham in Almora) परिसर में बीजेपी सांसद (BJP MP) धर्मेंद्र कश्यप (Dharmendra Kashyap) द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज करने के मामले में रविवार को मंदिर प्रबंधन ने उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR registered against BJP MP) दर्ज कराई है. कांग्रेस ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है.Also Read - Who is Sukanta Majumdar: बंगाल भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष बने सुकांत मजूमदार, जानें कौन हैं यह

इस मामले ने तब तूल पकड़ा, जब उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के आंवला से सांसद कश्यप का एक वीडियो वायरल (Viral Video) हुआ, जिसमें वह जागेश्वर मंदिर के पुजारियों के साथ कथित अभद्र भाषा का प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं. Also Read - योगी आदित्यनाथ ने कहा- यूपी में जनसंख्या नियंत्रण कानून 'सही समय' पर आएगा, जो करेंगे नगाड़ा बजाकर करेंगे

जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट ने बताया कि घटना के बारे में उन्होंने अल्मोड़ा के जिलाधिकारी को अपनी शिकायत दी थी और उनके आदेश पर राजस्व क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है. Also Read - BJP विधायक के भाई ने बदमाशों को AK-47 दी, 188 कारतूस भी मिले, बिहार का सियासी पारा चढ़ा

भट्ट ने बताया कि शनिवार शाम सांसद अपने कुछ सहयोगियों के साथ पूजा-अर्चना के लिए जागेश्वर मंदिर पहुंचे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद की पूजा समाप्त होने के बाद मंदिर प्रबंधन ने उन्हें मंदिर के शाम छह बजे बंद होने की जानकारी देते हुए उनसे वहां से बाहर जाने का आग्रह किया. आरोप है कि इस बात पर सांसद भड़क गए और उन्होंने गाली-गलौज की. दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने पर सांसद वहां से चले गए.

इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति, पुजारी और अन्य स्थानीय लोगों के अलावा कांग्रेस ने भी सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. धार्मिक स्थल पर कथित तौर पर अपशब्दों के प्रयोग को मंदिर की मर्यादा के विरूद्ध बताते हुए जागेश्वर धाम के स्थानीय लोग क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल के साथ मंदिर परिसर में उपवास पर बैठ गए. कुंजवाल ने कहा कि सांसद ने धार्मिक स्थल पर अभद्र भाषा का उपयोग कर उसकी मर्यादा और गरिमा के विपरीत आचरण किया है, जिसके लिए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए.

इस बीच, भाजपा की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष मदन कौशिक ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि वह मामले की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि ऐसे पवित्र स्थान पर ऐसे आचरण को जायज नहीं ठहराया जा सकता, चाहे उसे करने वाला कोई भी क्यों न हो.