उत्तराखंड के जंगलों में फैली आग पर काबू पाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अपनी ताकत झोंक दी है। कई दमकल टीमों के तहत 130 से अधिक कर्मियों को तैनात किया है। एनडीआरएफ की टीमों को पौडी गढ़वाल, अल्मोड़ा और चमोली जिलों में 13 प्रभावित इलाकों में भीषण आग पर काबू पाने के लिए लगाया गया है। आग से कई जिलों में करीब 2,269 हेक्टेयर जंगल नष्ट हो गए और अब तक कम से कम सात जानें गई हैं।Also Read - Uttarakhand Polls 2022: उत्तराखंड में अरविंद केजरीवाल ने किये कई वादे, स्कूल से मुफ्त तीर्थयात्रा तक; जानें क्या-क्या कहा...

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एनडीआरएफ के महानिदेशक ओपी सिंह के मुताबिक, “हमारी टीमें अधिकारियों और राज्य दमकल एवं वन विभाग के कर्मियों के साथ तालमेल कर 13 क्षेत्रों में काम कर रही हैं।” Also Read - 21 साल पुराना यूपी और उत्तराखंड का विवाद चंद मिनटों में निपटा, दोनों राज्यों के बीच होगा संपत्ति का बंटवारा

उन्होंने बताया कि इन टीमों को आग के फैलाव को रोकने की पारंपरिक पद्घति को अपनाने का निर्देश दिया गया है। सिंह ने बताया, “हम आग को फैलने से रोकने के लिए उपकरणों और हरी झाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई टीमों के तहत करीब 135 कर्मी फिलहाल उत्तराखंड में काम कर रहे हैं।” यह भी-उत्तराखंड के जंगलों में लगी भीषण को बुझा रहे हैं सेना के हेलिकॉप्टर, देखिये वीडियो

उन्होंने बताया कि चमोली में एनडीआरएफ पाखी और गोपेश्वर इलाकों में काम कर रहा है, जबकि अल्मोड़ा में टीमें बिनसार, सोमेश्वर, बिकिसेन, सिपलाखेत और धौलादेवी में काम कर रही हैं।

महानिदेशक ने बताया कि प्रत्येक टीम आठ से 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर कर रही है। एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमों को गाजियाबाद में तैयार रखा गया है। पोडी जिले में महलचोरी के पर्वतीय इलाके में आग से एक मकान को भी बचाया, जिसमें चार लोगों का एक परिवार रहता है।

उन्होंने कल राज्यपाल के.के. पल से बात भी की। वायुसेना के एमआई-17 हेलीकप्टर भी आग पर काबू पाने के लिए नैनीताल में पानी छिड़क रहे हैं। वनाग्नि से पौडी, नैनीताल, रुद्रप्रयाग और टिहरी सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं।