नई दिल्ली: उत्तराखंड के जंगल आग में झुलस रहे हैं. पिछले कई दिनों से उत्तराखंड के जंगलों में बुरी तरह से आग लगी हुई है. पिछले चार दिनों में जंगल में अलग-अलग जगह पर 46 बार आग लग चुकी है. इससे कई सैकड़ा पेड़ जलकर राख हो चुके हैं. उत्तराखंड के एक हिस्से में इससे प्रदूषण की समस्या भी बढ़ गई है. वहीं, आग से दो लोगों की मौत भी हुई है. Also Read - उत्‍तराखंड में 1 जुलाई से चारधाम यात्रा के लिए SOP जारी, E-pass सिर्फ राज्‍य के निवा‍सियों को ही मिलेंगे

बढ़ी गर्मी और प्रदूषण
इन दिनों वैसे भी गर्मी है. वहीं, जगलों में आग लगने से न सिर्फ प्रदूषण की समस्या बढ़ी है, बल्कि गर्म हवाएं भी चल रही हैं. इसका असर न सिर्फ उत्तराखंड में है, बल्कि पूरे उत्तर भारत में ये गर्म हवाएं चलना शुरू हो गई हैं. राजस्थान जैसी जगह पर गर्मी चरम पर पहुंच गई है. जबकि दिल्ली में भी झुलसा देने वाली तपन हो चुकी है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में कम से कम एक हज़ार बार आग लग चुकी है. ये सिलसिला अभी भी जारी है. इसी बीच उत्तराखंड में बारिश भी हुई है, इससे आग का प्रकोप कुछ कम होने में कुछ मदद मिल सकती है. Also Read - कोरोना का असर! इस बार नहीं होगी कांवड़ यात्रा, उत्तराखंड, यूपी और हरियाणा में बनी आम सहमति

भयावाह हो सकती है आग Also Read - Weather Updates: तेज आंधी और गर्जना के साथ देश के इन राज्‍यों में होगी भारी बारिश

वहीं, अगर आग पर बहुत जल्दी काबू नहीं पाया गया तो ये बेहद भयावाह हो सकती है. इस आग से अब तक 50 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में आग फ़ैल चुकी है. आग बढ़ ही रही है. कुमायूं क्षेत्र में ये 21 जगह पर जबकि गढ़वाल क्षेत्र में ये आग 16 जगह पर लगी है. अब तक किसी जानवर के इसमें हताहत होने की खबर नहीं है. उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है.