ऋषिकेश (उत्तराखंड): पिछले साल ऋषिकेश में आवागमन के लिए बंद कर दिए गए लक्ष्मणझूला पुल के विकल्प के रूप में गंगा पर बनने वाले देश में अपनी तरह के पहले कांच के फर्श वाले सस्पेंशन पुल के डिजाइन को उत्तराखंड सरकार ने मंजूरी दे दी है. बता दें कि 94 वर्ष पुराने लक्ष्मणझूला पुल को सुरक्षा कारणों से पिछले साल आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था

अतिरिक्त मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया, ”लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार यह डिजाइन पूरे देश में अपनी तरह का पहला है जहां पुल का फर्श टफेन्ड पारदर्शी कांच का बनाया जायेगा. इस पर चलने वाले लोगों को नदी की सतह पर चलने का अहसास होगा.” उन्होंने बताया कि डिजाइन को मंजूरी देने के बाद विभाग को परियोजना के लिये आकलन तैयार करने को कहा गया है.

– लक्ष्मणझूला के समानांतर बनाए जाने वाले पुल की कुल चौड़ाई आठ मीटर होगी
– नए पुल में 1.5 मीटर चौड़ाई के दो टफेंड कांच के फर्श होंगे
– कांच के पुल के बीच में दुपहिया वाहनों जैसे हल्के वाहनों के चलने के लिए 2.5 मीटर चौड़ी दो एस्फाल्ट सड़कें बनाई जाएंगी
– टफेंड कांच के फर्श साढ़े तीन इंच मोटाई के होंगे
– टफेंड कांच के फर्श 750 किलोग्राम प्रति वर्ग मीटर का बोझ सह सकेंगे
– पुल की लंबाई 132.3 मीटर होगी
– दोनों किनारों पर 7 फीट ऊंची रेलिंग लगेगी
– पुल आवागमन के लिए कम से कम 150 साल तक सुरक्षित बना रहेगा

अधिकारी ने बताया कि यह पुल आवागमन के लिए कम से कम 150 साल तक सुरक्षित बना रहेगा. उन्होंने कहा कि पुल के निर्माण में प्रयुक्त होने वाले लोहे के खंभे और छड़ें सामान्यत: प्रयुक्त होने वाले खंभों और छड़ों के मुकाबले कई गुना ज्यादा मजबूत होंगे और यदि पुल का रखरखाव ठीक ढंग से किया गया तो यह डेढ़ सौ वर्षों से भी अधिक समय तक चल सकता है.

ऋषिकेश की पहचान के रूप में विख्यात 94 वर्ष पुराने लक्ष्मणझूला पुल को सुरक्षा कारणों से पिछले साल आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था. इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने घोषणा की थी कि ऋषिकेश में आधुनिकतम तकनीक से युक्त लक्ष्मण झूला का वैकल्पिक पुल बनाया जाएगा.