Uttarakhand Lockdown Latest Uodate: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर भी कोरोना महामारी का साया पड़ गया है. पिछले साल भी यात्रा अपने नियत समय से देर से शुरू हुई थी और इस बार भी कोविड-19 के मामलों में बढ़ते आंकड़ों की वजह से फिलहाल चारधाम की यात्रा को स्थगित कर दिया गया है. उत्तराखंड सरकार की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि कोरोना महामारी को देखते हुए चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है.बिना तीर्थयात्रियों के केवल अनुष्ठान किए जा रहे हैं. Also Read - Uttarakhand Lockdown: उत्तराखंड में एक सप्ताह के लिए बढ़ा कर्फ्यू, एक जुलाई से शुरू होगी चारधाम यात्रा

तो वहीं उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए इस बार चार धाम की यात्रा फिलहार स्थगित की जा रही है. लोग अपने घर से ही भगवान की पूजा कर लें. Also Read - UP के कई जिलों में बाढ़ के खतरे का हाई अलर्ट, प्रयागराज, पटना में गंगा का जलस्‍तर बढ़ा

बता दें कि उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में चारधामों के नाम से मशहूर बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट हर साल छह माह के शीतकालीन अवकाश के बाद अप्रैल-मई में श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं. पिछले वर्ष की तरह इस बार भी कोविड-19 के कारण बाबा भोले के धाम के कपाट खोले जाने के दौरान श्रद्धालु उपस्थित नहीं थे और सीमित लोगों की मौजूदगी में ही समारोह हुआ.


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई और जनकल्याण तथा आरोग्यता की कामना की. मेष लग्न और पुनर्वसु नक्षत्र में पूरे विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रात: पांच बजे केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए. पीएम मोदी ने भी पूजा अर्चना की.

मंदिर के कपाट खुलने के पश्चात मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने स्वयंभू शिवलिंग को समाधि से जागृत किया तथा निर्वाण दर्शनों के पश्चात श्रृंगार तथा रूद्राभिषेक पूजाएं की गई. मुख्यमंत्री रावत ने धाम के कपाट खुलने पर श्रद्धालुओं को शुभकामनांए देते हुए सभी की आरोग्यता की कामना की. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अस्थाई तौर पर यात्रा स्थगित है तथा सभी लोग डिजिटल तरीके से दर्शन करें तथा अपने घरों में पूजा-अर्चना करें.