Uttarakhand Latest News And Updates: उत्‍तराखंड (Uttarakhand) के चमोली जिले (Chamoli district) में रविवार को नंदा देवी ग्लेशियर टूटने से हुई त्रासदी में फंसे मजदूरों में से 14 के शव बरामद किए जा चुके हैं. उत्तराखंड में धौली गंगा नदी पर स्थित तपोवन- विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना की सुरंग (tunnel) में फंसे 30-35 श्रमिकों को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इससे वहां दो पनबिजली परियोजनाओं में काम कर रहे कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 203  से ज्यादा मजदूर लापता हैं.Also Read - Uttarakhand Polls: कांग्रेस में शामिल हुए BJP से निष्कासित उत्तराखंड के पूर्व मंत्री Harak Singh Rawat

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अब तक बरामद 11 शवों सहित लगभग 203 लोग लापता हैं. हमें कल तक एक सहायक कंपनी के प्रोजेक्ट तपोवन के बारे में पता नहीं था. हम अनुमान लगा रहे हैं कि 35 लोग एक और सुरंग में फंस गए हैं. बचाव अभियान चल रहा है. Also Read - Photos: देश में मकर संक्रांति, पोंगल, माघ बीहू, भोगी और उत्तरायण पर्व के ब‍िखरे रंग, लाखों लोगों ने स्‍नान किया

ताजा जानकारी के मुताबिक, बड़ी टनल, जो करीब 180 मीटर लंबी है, जिसमें 30-40 वर्कर्स फंसे हुए हैं. बचाव दलों की टीम लगतार टनल की सफाई कर आगे बढ़ते हुए इन्‍हें बचाने के लिए जुटी हुई है. 70-80 मीटर तक बड़ी सुरंग साफ हो चुकी है. मलबे ने इसे अवरुद्ध कर दिया था, इसे जेसीबी की मदद से साफ किया जा रहा है. यह टनल लगभग 180 मीटर लंबी और इसमें लगभग 30-40 कर्मचारी फंसे हुए हैं. इंजीनियरिंग टास्क फोर्स सहित सेना के कर्मियों के अथक प्रयासों के बाद सुरंग का मुंह साफ किया गया है. जनरेटर और सर्च लाइट लगाकर रात भर अर्थमूवर्स के साथ काम जारी रखा गया है. घटना स्थल पर फील्ड अस्पताल मेडिकल सहायता प्रदान कर रहा है. Also Read - SC on Dharam Sansad: धर्म संसद में दिए गए नफरत भरे भाषणों के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से मांगा जवाब

उत्तराखंड के आपदाग्रस्त चमोली जिले में सोमवार को बचाव और राहत अभियान में तेजी बचाव एवं राहत कार्य जारी है. ऋषिगंगा घाटी में हिमखंड टूटने से रविवार को अचानक आई भीषण बाढ़ से प्रभावित 13.2 मेगावाट ऋषिगंगा और 480 मेगावाट तपोवन विष्णुगाड पनबिजली परियोजनाओं में लापता हुए लोगों की तलाश के लिए सेना, भारत तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के जवान जुटे हुए हैं.

आईटीबीपी देहरादून स्थित सेक्टर मुख्यालय के डीआईजी अपर्णा कुमार ने बताया कि 70-80 मीटर तक बड़ी सुरंग साफ हो चुकी है. मलबे ने इसे अवरुद्ध कर दिया था, इसे जेसीबी की मदद से साफ किया जा रहा है. यह टनल लगभग 180 मीटर लंबी और इसमें लगभग 30-40 कर्मचारी फंसे हुए हैं. बीते कल के दिन से इन्‍हें बचाने के प्रयास चल रहे हैं.

वहीं न्‍यूज एजेंसी पीटीआई/ भाषा के मुताबिक, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने सोमवार को कहा कि चमोली में आई आपदा में अब तक कुल 153 लोगों के लापता होने की सूचना है, जिनमें से 10 के शव बरामद हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि ऋषिगंगा परियोजना स्थल पर 32 लोगों के तथा तपोवन विष्णुगाड परियोजना स्थल पर 121 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है. दस शवों में से 7 तपोवन क्षेत्र में जबकि तीन अन्य व्यक्तियों के शव प्रवाह के साथ नीचे (डाउनस्ट्रीम) से मिले हैं.

पुलिस महानिदेशक  कुमार ने बताया कि बचाव और राहत अभियान पुरजोर तरीके से जारी है जिसमें बुलडोजर, जेसीबी आदि भारी मशीनों के अलावा रस्सियों और खोजी कुत्तों का भी उपयोग किया जा रहा है. तपोवन क्षेत्र में स्थित बड़ी सुरंग में बचाव और राहत अभियान चलाने में मुश्किल आ रही है क्योंकि सुरंग सीधी न होकर घुमावदार है.