Uttarakhand Assembly Election: कांग्रेस ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए 10 उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Harish Rawat) अब रामनगर की बजाय लाल कुआं विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे. कहा जा रहा है कि विरोध की वजह से पार्टी ने इस विधानसभा सीट से हरीश रावत का टिकट काटा है. रामनगर से अब पार्टी ने महेंद्र पाल सिंह को टिकट दिया है. इससे पहले कांग्रेस ने 11 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की थी, तब उस लिस्ट में बताया गया था कि हरीश रावत रामनगर सीट से चुनाव लड़ेंगे.Also Read - Uttar Pradesh Vidhan Sabha: आठ बार के विधायक सतीश महाना का विधानसभा अध्यक्ष बनना तय

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मालूम हो कि कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष रणजीत रावत ने नैनीताल की रामनगर विधानसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को उतारे जाने पर नाराजगी जताई थी. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में रणजीत रावत पार्टी महासचिव एवं प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत की उम्मीदवारी वापस लिये जाने की मांग करते हुए पार्टी के कदम पर सवाल उठाते हुए दिखाई दे रहे थे. Also Read - Uttarakhand Cabinet Ministers List 2022: ये हैं उत्तराखंड के नए मंत्री, पुष्कर सिंह धामी सहित सभी ने आज PM Modi की मौजूदगी में ली शपथ

वीडियो में वह पार्टी कार्यकर्ताओं से पूछते दिख रहे हैं, ‘क्या आप किसी और (हरीश रावत) को उस बंजर जमीन की फसल काटने देंगे, जिसे आपने उपजाऊ बनाया है.’ इसमें रणजीत रावत जाहिर तौर पर हरीश रावत पर तंज कसते हुए कह रहे हैं, ‘जो व्यक्ति खुद को प्रदेश पार्टी का चेहरा बनाए जाने की बात कहता है और यह दावा करता है कि उसके नाम और काम पर वोट पड़ेंगे, तो उसे किसी दूसरी सीट से लड़ने में डर क्यों है.’

उन्होंने पार्टी के फैसले को ‘गलत’ करार देते हुए पार्टी आलाकमान से इसे वापस लेने को कहा था. उन्होंने हरीश रावत का जिक्र करते हुए कहा था, ‘अगर ऐसा नहीं होता है तो आप तय करें कि किसी ऐसे व्यक्ति के साथ क्या करना है जिसके पास मुख्यमंत्री होने के बावजूद सीट नहीं है.’ वीडियो में रणजीत रावत यह कहते हुए भी सुनाई दे रहे थे, ‘आप जो भी तय करेंगे, मैं उसके साथ जाऊंगा. सामाजिक और राजनीतिक जीवन में कोई भी निर्णय एकतरफा नहीं लिया जा सकता है.’ मालूम हो कि रणजीत रावत 2002 और 2007 में सल्ट सीट से विधायक चुने गए थे, जबकि 2012 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिवंगत नेता सुरेंद्र सिंह जीना से उन्हें पटखनी मिली थी.

(इनपुट: भाषा)