नई दिल्ली: उत्तराखंड में बड़ी परियोजनाओं के लिए होने वाली बिडिंग/टेंडर प्रक्रिया में अब चीनी कंपनियां भाग नहीं ले पाएंगी. राज्य सरकार द्वारा नियमों में बदलाव करने के बाद ये कदम उठाया गया है. बता दें कि सीमा पर चीन के साथ लगातार चल रहे विवाद के कारण चीनी कंपनियों के भारत में निवेश के नियमों में भारत सरकार ने बदलाव किया था. उसी के आधार पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में चीनी निवेश व टेंडर की प्रक्रिया को लेकर नियमों में बदलाव किया है. Also Read - भारत-चीन के बीच आज होगी 9वें दौर की बैठक, क्या बन पाएगी सहमति?

वित सचिव सौजन्याद द्वारा जारी आदेश के मुताबिक साल साल 2017 की खरीद नियमावली में बदलाव किया गया है. जिसके बाद अब पड़ोसी देश उत्तराखंड राज्य की परियोजनाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे. अगर उत्तराखंड की परियोजनाओं में शामिल होना है तो पड़ोसी देश में वे रजिस्टर नहीं है इसका प्रमाण देना होगा. खबरों की मानें तो चीन के मद्देनजर इस फैसले को लिया गया है. ताकि चीनी कंपनियां राज्य में निवेश न कर पाएं. Also Read - चीन पर सख्त हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, बोले- पहले चीन हटाए सेना, तब हम करेंगे पहल

बता दें कि सिर्फ चीनी कंपनियों को टेंडर में शामिल होने से ही नहीं रोका गया है बल्कि, चीनी कंपनियों के बने मेड इन चाइना सामान भी राज्य में में सरकारी विभागों में इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे. टेंडर में शामिल होने वाले प्रतिभागियों को यह प्रमाण देना होगा कि उनका सामान चीन में निर्मित और रजिस्टर नहीं है. यदि किसी देश का टेंडर ऐसा पाया गया तो उसके टेंडर को रद्द कर दिया जाएगा. Also Read - LAC पर भारतीय सेना की जासूसी कर रही है PLA, अधिकारियों को दी गई जानकारी