नई दिल्ली: कविताओं और संगीत के पारखी अटल बिहारी वाजपेयी भूपेन हजारिका के बहुत बड़े प्रशंसक थे. एक बार जब हजारिका दिल्‍ली में एक कार्यक्रम पेश कर रहे थे, तब वाजपेयी ने उनसे एक प्रसिद्ध असमी गीत गाने का अनुरोध किया था. Also Read - अटल जी की अंतिम विदाई के लिए रात से ही जुटने लगे थे लोग, यूपी की नदियों में प्रवाहित की जाएंगी पूर्व प्रधानमंत्री की अस्थियां

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बात 1990 के दशक की है. हजारिका रामलीला मैदान में एक कार्यक्रम में मंच पर थे तब उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से एक पर्ची मिली. लंबे समय तक हजारिका के सहयोगी रहे और उस कार्यक्रम में गिटार वादक कमल कातकी याद करते हैं कि जब वे लोग कार्यक्रम का समापन करने वाले थे तब एक व्यक्ति एक पर्ची लेकर आया. Also Read - उप्र का बलरामपुर: अटल बिहारी वाजपेयी के पहले संसदीय क्षेत्र में नहीं जला कई घरों में चूल्हा

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उन्होंने कहा, ‘‘उस पर भूपेंद्र का लोकप्रिय गाना ‘मोई ऐती जाजाबोर’ लिखा था और उसके पीछे अटलजी का नाम था.’’ कातकी ने कहा, ‘‘अटलजी के अनुरोध पर भूपेनदा ने वह गाना गाया. बाद में जब हम उनसे मिले तो उन्होंने कहा कि वह पहली पंक्ति में बैठे हुए थे और उस गीत का इंतजार कर रहे थे.

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उन्होंने (अटल) ने कहा, “वो गाना सुनने के लिए तड़प रहा था इसलिए ये अनुरोध भेजा.’’ वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने दादासाहब फाल्के पुस्कार विजेता हजारिका को गुवाहाटी से अपना प्रत्याशी बनाया था.