बेंगलुरु: कोरोनो वायरस महामारी की वजह से लंदन में फंसे 326 लोगों को लेकर एयर इंडिया का एक विमान सोमवार तड़के कैम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा. एयर इंडिया का विमान तड़के चार बजकर 45 मिनट पर हवाईअड्डे पर पहुंच गया. कोरोना योद्धाओं ने यात्रियों को चिह्नित पृथक-वास केंद्रों में भेजे जाने से पहले उनके स्वास्थ्य की जांच की. Also Read - दिल्ली से अब तक 2,41,169 लोगों को 196 ट्रेन से उनके घर भेजा जा चुका है: मनीष सिसोदिया

कर्नाटक सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी 326 यात्रियों में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं पाए गए. इसके बाद उनके द्वारा चुने गए होटलों में उन्हें भेज दिया गया. राज्य प्रशासन ने कुछ रिजॉर्ट और होटलों को पृथक वास केंद्र बनाया है, जिसका इस्तेमाल खास तौर पर विदेश से लाए गए यात्रियों के लिए किया जा रहा है. Also Read - सोनू सूद के नेक काम से ख़ुश होकर लोगों ने की सरकार से पद्म विभूषण की मांग, एक्टर के जवाब ने जीता दिल 

मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दूसरे राज्यों और विदेश से आ रहे लोगों को 14 दिन तक पृथक वास में रहने और कोविड-19 जांच के बाद ही लोगों से मिलने दिया जाएगा. Also Read - Priyanka Gandhi objected to CM Yogi Statement: प्रवासी कामगारों के कोरोना संक्रमित बयान पर प्रियंका का सीएम योगी से सवाल- आंकड़ों का क्या है आधार...?

प्राथमिक जांच से गुजरने के शीघ्र बाद यात्रियों को बीएमटीसी की एक बस से पृथक केंद्रों में ले जाया गया. उन्होंने कहा कि जो लोग पांच सितारा होटल में रूकना चाहते हैं, उसका खर्चा उन्हें खुद ही वहन करना होगा.

स्वास्थ्यकर्मियों ने पृथकवास में रहने वाले लोगों के लिए अतिरिक्त एहतियात बरतना शुरू किया है. उन्होंने लोगों से कर्नाटक सरकार द्वारा क्वारंटीन में निगरानी के लिए तैयार क्वारंटीन वॉच एप डाउनलोड करने के लिए कहा है ताकि वह वह नियम का उल्लंघन न कर सकें.

यह एप व्यक्ति के स्थान की जानकारी रखेगा और पृथक वास में रह रहे लोगों के लिए रात तक प्रत्येक घंटे सेल्फी लेकर सरकार के पास भेजना अनिवार्य है. पृथक-वास नियम का उल्लंघन करने वाले लोगों को सजा का सामना करना पड़ेगा.