आपका भी अचानक घूमने का बन जाता है प्लान? इस ट्रेन में लागू हुआ इमरजेंसी कोटा, जानें पूरी डिटेल
Indian Railways: भारतीय रेलवे ने अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इमरजेंसी कोटे का ऐलान किया है. जानिए इस नियम के आने से कितनी बर्थ रिजर्व होंगी और यात्री इसका लाभ कब से उठा पाएंगे?
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. अब अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा लागू किया जाएगा. रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. इसका सीधा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जिन्हें अचानक किसी जरूरी काम, मेडिकल इमरजेंसी या पारिवारिक कारणों से यात्रा करनी पड़ती है और उन्हें समय पर टिकट नहीं मिल पाता. रेलवे का उद्देश्य यही है कि जरूरतमंद यात्रियों को अंतिम समय पर भी यात्रा करने का मौका मिल सके.
अब तक किन-किन कोटे की सुविधा थी?
आपको बता दें अभी तक अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में केवल महिला कोटा, दिव्यांग कोटा, सीनियर सिटीजन कोटा और ड्यूटी पास कोटा जैसी सुविधाएं ही लागू थीं. लेकिन अब रेलवे ने खास परिस्थितियों को देखते हुए अलग से इमरजेंसी कोटा रखने का फैसला किया है. हालांकि यह कोटा सामान्य यात्रियों के लिए पूरी तरह खुला नहीं होगा, क्योंकि इसके तहत सीटें आमतौर पर कुछ खास लोगों या उनके द्वारा सिफारिश प्राप्त यात्रियों को दी जाती हैं. फिर भी, रेलवे के इस कदम को यात्रियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे जरूरत पड़ने पर सीट मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है.
अमृत भारत ट्रेनों में कितनी बर्थ होंगी रिजर्व?
रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार, जिन अमृत भारत ट्रेनों में 7 या उससे ज्यादा स्लीपर कोच होंगे, वहां कुल 24 बर्थ का इमरजेंसी कोटा तय किया गया है. इसका मकसद यह है कि अगर कोई यात्री अचानक यात्रा करना चाहता है, तो उसके लिए कुछ सीटें पहले से रिजर्व रखी जा सकें. यह व्यवस्था खास तौर पर उन रूट्स पर ज्यादा उपयोगी साबित होगी जहां यात्रियों की संख्या बहुत अधिक रहती है और टिकट जल्दी फुल हो जाते हैं. रेलवे का मानना है कि इस कोटे से इमरजेंसी में यात्रा करने वाले लोगों को समय पर टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी.
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में रेलवे ने अलग-अलग क्लास के अनुसार इमरजेंसी कोटा तय किया है. फर्स्ट एसी में वीकडे पर 4 बर्थ और वीकेंड पर 6 बर्थ रखी जाएंगी. वहीं सेकंड एसी में वीकडे पर 20 बर्थ और वीकेंड पर 30 बर्थ तय की गई हैं. इसके अलावा थर्ड एसी में वीकडे पर 24 बर्थ और वीकेंड पर 42 बर्थ का इमरजेंसी कोटा रहेगा.यानी वीकेंड में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए ज्यादा बर्थ रिजर्व रखी जाएंगी, ताकि टिकट की मांग को संभाला जा सके.
कब से लागू होगा नियम और ये क्यों जरूरी है?
रेलवे के मुताबिक, यह इमरजेंसी कोटा एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) या नो बुकिंग डेट, जो पहले हो, उसी समय से लागू किया जाएगा. इसका मतलब यह है कि टिकट बुकिंग सिस्टम खुलते ही इन सीटों को इमरजेंसी कोटे के तहत रिजर्व कर दिया जाएगा. रेलवे बोर्ड ने यह भी कहा है कि जोनल रेलवे जरूरत और सीटों की उपलब्धता के अनुसार, इस कोटे को एडजस्ट कर सकते हैं. कुल मिलाकर यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि इससे अचानक यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी, खास जरूरत वाले लोगों को आसानी होगी और रेलवे भी डिमांड के हिसाब से सीटों का बेहतर प्रबंधन कर सकेगा.
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