Varanasi India 1st Hydrogen Water Taxi Ganga Ride For 500 Rupees Only
भारत में शुरू होने जा रही पहली हाइड्रोजन वाटर टैक्सी, जानें कहां और कैसे उठा सकेंगे लुत्फ
भारत की पहली हाइड्रोजन वाटर टैक्सी गंगा के इस पवित्र शहर में शुरू होने जा रही है. यह इको-फ्रेंडली बोट स्वच्छ, शांत और सुरक्षित गंगा सफर का नया अनुभव देगी. चलिए आपको बताते हैं इसका किराया कितना होगा?
वाराणसी में श्रद्धालुओं को गंगा में सफर करने का एक नया और इको-फ्रेंडली अनुभव मिलने वाला है. यहां देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली वाटर टैक्सी सेवा शुरू होने जा रही है. केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जल मार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नमो घाट से हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया. यह वाटर टैक्सी भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के तहत जलसा क्रूज लाइन द्वारा संचालित की जाएगी. शुरूआत में यह नमो घाट से रविदास घाट तक चलेगी, और भविष्य में इसे असि घाट से मार्कण्डेय धाम तक भी चलाने की योजना है.
पॉल्यूशन-फ्री होगी ये वाटर टैक्सी
इस हाइड्रोजन वाटर टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह वायु और ध्वनि प्रदूषण से पूरी तरह मुक्त है. जलसा क्रूज लाइन के डायरेक्टर आशीष चावला के अनुसार, टैक्सी गुरुवार से सुबह-शाम तक हर डेढ़-दो घंटे में सेवा देगी. यह नमो घाट और रविदास घाट के बीच बारी-बारी से चलती रहेगी और पूरे दिन में लगभग 7 से 8 राउंड पूरे करेगी. यात्रियों को गंगा के किनारे और काशी के मंदिरों का दृश्य आनंद लेने का मौका मिलेगा.
एक बार में 50 यात्री बैठ सकते हैं
वाटर टैक्सी में एक बार में 50 यात्री बैठ सकते हैं और खड़े होकर भी सफर का आनंद लिया जा सकता है. यह हाइब्रिड इलेक्ट्रिक इंजन से लैस है, यानी हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक मोड दोनों में चल सकती है. नमो घाट और असि घाट पर दो हाइड्रोजन पंपिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं. इसमें दो स्क्रीन लगी हैं, जो यात्रियों को गंगा और काशी के इतिहास और संस्कृति के बारे में जानकारी देती हैं.
जानें कितना होगा किराया?
सफर के दौरान, यात्रियों के लिए पूरी तरह वेजीटेरियन जलपान की व्यवस्था है. सफाई के लिए बायो टॉयलेट्स लगाए गए हैं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी हैं. टिकट दर यात्रियों के लिए उचित रखी गई है – ₹500 प्रति व्यक्ति. इस नई हाइड्रोजन वाटर टैक्सी के जरिए वाराणसीवासियों और पर्यटकों को गंगा का एक नया, सुरक्षित और स्वच्छ अनुभव मिलेगा, जो न केवल यात्रा को इको-फ्रेंडली बनाता है बल्कि शहर की पर्यटन और जलमार्ग सेवा को भी आधुनिक दिशा देता है.
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