गुवाहाटी: ‘इंडियन डाइटेटिक एसोसिएशन’ (आईडीए) ने दावा किया है कि देश में शाकाहारी आहारों में प्रोटीन की 84 प्रतिशत कमी है जिसका मुख्य कारण लोगों में जागरूकता की कमी है. शोध में कहा गया है कि लोग अगर जागरूक हों तो ये कमी पूरी हो सकती है. इस पर लोगों को ध्यान देने की ज़रूरत है. Also Read - Health Tips: अंडे और मीट के बजाय इन चीजों से प्रोटीन ले सकते हैं वेजिटेरिन लोग

Also Read - Roti vs Rice For Weight Loss: जानें क्या है आपकी सेहत के लिए फायदेमंद

बीएसएफ के 97 फीसदी जवान ड्यूटी पर मिलने वाले भोजन से संतुष्ट: डीआरडी की स्‍टडी Also Read - सर्दी में रोज खाएं इतने अंडे... डॉक्टर के पास जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत

प्रोटीन की जानकारी ही नहीं

बाजार शोध फर्म आईएमआरबी द्वारा किए गए एक अध्ययन का हवाला देते हुए आईडीए ने कहा कि करीब 93 प्रतिशत भारतीयों को उनकी आदर्श प्रोटीन जरूरत की जानकारी नहीं है और भारतीय शाकाहारी आहार इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है. भारत के शाकाहारी भोजन में 84 प्रतिशत जबकि मांसाहारी भोजन में 65 प्रतिशत प्रोटीन की कमी है.

…तो सड़कों पर चलने वाले वाहनों जितना प्रदूषण फैलाते हैं मांसाहारी भोजन

प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी

आईडीए ने एक बयान में कहा कि इस तरह के चिंताजनक डेटा को देखते हुए आईडीए ने उपभोक्ताओं को प्रोटीन के महत्व के बारे में जानकारी देने का अभियान चलाने का फैसला किया है. प्रोटीन हमारे सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी है जिसका जीवन के हर चरण पर असर होता है. विज्ञप्ति में कहा गया कि आज से आईडीए सात दिवसीय प्रोटीन सप्ताह मना रहा है.