नई दिल्‍ली: राज्‍यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को अपने घर पर आयोजित होने वाले भोज को रद्द कर दिया है. लगातार 12 दिनों से राज्‍यसभा में गतिरोध और कार्यवाही न चल पाने के कारण उन्‍होंने इसे रद्द किया है. बुधवार दोपहर यह भोज राज्‍यसभा सदस्‍यों के लिए आयोजित होनी थी.

इससे पहले तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के राजनीतिक दलों के हंगामे की वजह से मंगलवार को भी राज्यसभा की कार्यवाही बाधित रही और करीब 11 बज कर 25 मिनट पर ही उच्च सदन की बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. हंगामे की वजह से आज भी उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए. इराक में लापता 39 भारतीयों के मारे जाने के बारे में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपनी ओर से राज्यसभा में एक बयान दिया. इसके बाद सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने एक संक्षिप्त बयान दिया. इसी बीच, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के राजनीतिक दलों अन्नाद्रमुक, द्रमुक, तेदेपा के सदस्यों ने आसन के समक्ष आ कर हंगामा शुरू कर दिया और बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.

अन्नाद्रमुक और द्रमुक के सदस्य जहां कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड गठित करने की मांग कर रहे थे, वहीं तेदेपा के सदस्य कडप्पा में एक इस्पात संयंत्र की स्थापना करने की मांग कर रहे थे. कांग्रेस सदस्य के वी पी रामचंद्र राव तथा वाईएसआर कांग्रेस के विजय साई रेड्डी आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे. सोमवार को भी उच्च सदन में इन्हीं दलों के सदस्यों ने इन मुद्दों को लेकर हंगामा किया था और बैठक शुरू होने के करीब पांच मिनट बाद ही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई थी.

सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदस्यों को अपने स्थानों पर लौट जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की. उन्होंने कहा ‘‘मैं पहले दिन से ही कह रहा हूं कि बैंक घोटाला, कावेरी मुद्दा, आंध्रप्रदेश का मुद्दा…. सभी मुद्दे महत्वपूर्ण हैं और इन पर चर्चा होनी चाहिए.’’

सदन में व्यवस्था बनते नहीं देख नायडू ने 11 बज कर करीब 25 मिनट पर बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया. उल्लेखनीय है कि संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में अलग अलग मुद्दों को लेकर विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे की वजह से दोनों सदनों में लगातार गतिरोध कायम है.