नई दिल्ली, 6 अप्रैल | केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि स्मार्ट शहरों के चयन का काम इस महीने के आखिर तक शुरू हो जाएगा। भारतीय उद्योग परिसंघ के एक सालाना कार्यक्रम में नायडू ने कहा कि अगले महीने तक स्मार्ट शहर योजना का खाका बन जाएगा और उनका विकास सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल पर होगा। यह भी पढ़ें–दशक भर में सबसे ज्यादा संसदीय कार्य : वेंकैया नायडू

नायडू ने कहा, “इसी महीने किसी भी वक्त ‘स्मार्ट शहर चुनौती’ प्रणाली को मंजूरी मिल सकती है। चुने जाने के लिए शहरों को स्वच्छता, शुद्ध जल, बिजली, हरित पर्यावरण और नगरपालिकाओं की आय और वेतन पर उनके खर्च का अनुपात जैसे मानकों पर खुद को साबित करना होगा।” हाल के अध्ययनों में पता चला है कि नगरपालिकाओं में 84 फीसदी तक धन वेतन पर खर्च किया जाता है। साथ ही दिल्ली के नगर निगमों ने कहा है कि उनके पास वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं।