नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने शुक्रवार को बीसीसीआई की नेशनल जूनियर सिलेक्‍शन कमेटी  के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. प्रसाद इस पद पर 30 महीने तक रहे और अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम के विजेता बनने के एक महीने के अंदर उन्होंने यह फैसला किया. ऐसा माना जा रहा कि प्रसाद ने व्यक्तिगत कारणों से इस पद को छोड़ा है और उन्होंने कहा कि वह हितों के टकराव से बचना चाहते है. Also Read - IPL 2020: नेस वाडिया ने खराब अंपारिंग को लेकर उठाए सवाल, BCCI को दी EPL और NBA से सीख लेने की सलाह

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘अभी यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन संभावना है कि वह किसी आईपीएल फ्रेंचाइज़ी से जुड़ रहे हैं. इसलिए वह हितों के टकराव के मुद्दे से बचना चाहते हैं.’ इस मामले में जब बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना से प्रसाद के इस्तीफे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैंने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन ऐसा लगता है कि उन्होंने अपना मन बना लिया है. उनमें प्रतिभा की पहचान करने की शानदार काबिलियत है. विश्व चैंपियन बनने वाली जूनियर टीम के चयन में उनका योगदान सराहनीय रहा है.’ Also Read - IPL 2020 के बाद यूएई में ही खेली जाएगी भारत-इंग्लैंड सीरीज

दिलचस्प बात यह है कि प्रसाद ने छह राष्ट्रीय चयनकर्ताओं (तीन सीनियर और तीन जूनियर) में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. प्रसाद ने 33 टेस्ट और 161 एकदिवसीय खेले है, जो बाकी चयनकर्ताओं के कुल मैचों से भी अधिक है.

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हाल ही में, भारतीय जूनियर टीम ने अंडर-19 विश्वकप जीता थी, लेकिन चयन समिति को बीसीसीआई की ओर से कोई पुरस्‍कार नहीं दिया गया, जबकि सीनियर चयन समिति को बीसीसीआई ने चैंपियन ट्रॉफी हारने के बावजूद काफी बड़ी धनराशि दी दी थी. माना जा रहा था कि प्रसाद का बोर्ड के वरिष्ठ पदाधिकारी से इस मुद्दे को लेकर विवाद होने पर जूनियर चयन समित को कोई पुरस्‍कार नहीं दिया गया था. (इनपुट- एजेंसी)