पणजी: उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सोमवार को युवाओं से नकारात्मकता छोड़ने और हिंसा को बढ़ावा नहीं देने की अपील की. नायडू ने यहां गोवा विश्वविद्यालय के 32वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी राय बनाने से पहले संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), तीन तलाक पर रोक सहित सभी मुद्दों का ‘‘अकादमिक अध्ययन’’ करना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात को लेकर प्रसन्न हूं कि हाल के समय में लोग संविधान के महत्व के बारे में बातें कर रहे हैं. यह वास्तव में एक सकारात्मक संकेत है और प्रत्येक नागरिक को संविधान का अक्षरश: पालन करना चाहिए.’’ Also Read - कोरोनावायरसः पुलिस ने खाली कराया शाहीन बाग, सौ दिन से चल रहा था CAA के खिलाफ प्रोटेस्ट

उपराष्ट्रपति ने कहा कि साथ ही सभी को अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए संवैधानिक तरीके अपनाने चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘हमें न केवल मौलिक अधिकारों बल्कि कर्तव्यों के बारे में भी चिंतित होना चाहिए. अधिकार और जिम्मेदारियां साथ-साथ चलनी चाहिए.’’ नायडू ने कहा कि समय की जरूरत है कि युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल रचनात्मक, राष्ट्रनिर्माण गतिविधियों में किया जाए. उन्होंने किसी विशेष घटना का उल्लेख किये बिना कहा, ‘‘युवाओं को मेरी सलाह है कि वे नकारात्मकता छोड़ें और हिंसा को बढ़ावा नहीं दें. एक लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है.’’ Also Read - दिल्‍ली के शाहीन बाग धरनास्थल पर फेंका गया पेट्रोल बम

उन्होंने कहा कि सकारात्मक बनें, बाधक नहीं. उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने किसी देश या मुद्दे का उल्लेख किये बिना कहा, ‘‘दिक्कतें उत्पन्न करने वाले हमारे कुछ पड़ोसी हमें सलाह देने का प्रयास कर रहे हैं. उन्हें हमारे आंतरिक मामलों में नहीं पड़ना चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपको प्रगति चाहिए तो आपको शांति चाहिए. भारत के आंतरिक मामलों में हम बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं कर सकते. हम अपनी देखभाल कर सकते हैं, आपका धन्यवाद.’’ उन्होंने युवाओं से अपील की कि अपनी राय बनाने से पहले उन्हें अनुच्छेद 370 (जम्मू कश्मीर में समाप्त करने), संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), तीन तलाक पर रोक सहित सभी मुद्दों का अकादमिक अध्ययन करना चाहिए.उन्होंने कहा, ‘‘केवल समाचार पत्रों और शीर्षकों पर भरोसा नहीं करना चाहिए. सोशल मीडिया का लाभ उठायें.’’ Also Read - जनता कर्फ्यू में शामिल नहीं होंगी शाहीन बाग की दादियां, कहा- यहां मरना पसंद करूंगी

नायडू ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान बढ़ना दुनिया के समक्ष आज दो सबसे बड़ी चुनौतियां हैं और सभी देशों को पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रति अपने प्रयास तेज करने चाहिए. उन्होंने कहा कि एक नये भारत के निर्माण के लिए निरक्षरता, बीमारियों, कृषि क्षेत्र में चुनौतियों और महिलाओं और कमजोर वर्गों पर अत्याचार जैसी सामाजिक बुराइयों, बाल श्रम, आतंकवाद, साम्प्रदायिकता और भ्रष्टाचार का उन्मूलन करना होगा. इस मौके पर राज्यपाल एवं गोवा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सत्यपाल मलिक और राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी मौजूद थे.