हुब्बली (कर्नाटक): उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को लोगों से गैर संक्रामक रोगों के खिलाफ जंग छेड़ने का आह्वान किया. साथ ही, उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए युवा पीढ़ी से बैठ कर काम करने की जीवनशैली छोड़ कर नियमित रूप से व्यायाम करने की भी अपील की. योग गुरु रामदेव के पतंजलि योगपीठ द्वारा यहां आयोजित एक योग शिविर में भाग लेने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए नायडू ने ‘फिट इंडिया’ और योग जैसे आंदोलन को जनांदोलन में तब्दील करने की आवश्यकता पर बल दिया. Also Read - Coronavirus Updates 4 April 2021: देश में कोरोना विस्फोट, एकसाथ मिले 93,249 नए मरीज, एक दिन में 514 की मौत

उन्होंने कहा कि योग स्वास्थ्य के लिए सबसे सस्ती दवा है. योग के प्रभाव पर नायडू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूरे विश्व की भागीदारी से योग की लोकप्रियता का पता चलता है. उन्होंने कहा, “योग भारत की महानतम विरासत है और यह विश्व को सबसे सुंदर उपहार है.” उन्होंने कहा कि योग का अभ्यास केवल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि प्रतिदिन योग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इससे हर स्थिति में व्यवहार संतुलित रहता है. नायडू ने योग को लोकप्रिय बनाने के लिए रामदेव, पतंजलि योगपीठ और अन्य योग प्रशिक्षकों की सराहना की.

श्रेष्ठ विश्व के निर्माण के लिए युवाओं का साथ जरूरी: राष्ट्रपति

वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को कहा कि मानवता की दिशा बदलने के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को साथ लाने और श्रेष्ठ विश्व के निर्माण में उन्हें शामिल करने की जरूरत है.
उन्होंने कहा, ‘‘ आध्यात्मिकता दुनिया के लिए भारत का सबसे बहुमूल्य उपहार है. वेदांत, तीर्थंकर महावीर और गौतम बुद्ध के उपदेशों से लेकर नानक और कबीर तक के संदेश अनंत आध्यात्मिक ज्ञान का विपुल प्रवाह है जिसे स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और भारत की आध्यात्मिक ताकत के कई अन्य महापुरूषों ने आधुनिक विश्व तक पहुंचाया है.

इनपुट- भाषा