नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने संसद में अनुपस्थिति की दर ज्यादा होने पर चिंता जाहिर की और इसे “अफसोस की बात’’ बताया. यहां लोकमत संसदीय पुरस्कार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नायडू ने सांसदों की उपस्थिति के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “उपस्थिति बहुत जरूरी है. आज कल आप जो देख रहे हैं वह खेदजनक है. कई बार पीठासीन अधिकारियों को संसद में कोरम की घंटी बजानी पड़ती है जो 545 से अधिक सदस्यों वाले सदन में कभी नहीं होना चाहिए.”Also Read - उपराष्ट्रपति नायडू के अरुणाचल दौरे पर चीन ने जताई आपत्ति तो भारत ने दिया ये दो टूक जवाब

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नायडू ने कहा, “अगर एक समय पर 50 सदस्य भी नजर नहीं आते है तो सदन का सदस्य होने के क्या मायने हैं.” वहीं संसदीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले सांसदों को उन्होंने सम्मानित भी किया. लोकमत संसदीय पुरस्कार समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित आठ सांसदों को सम्मानित किया गया.

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सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ दिया गया. वर्ष का सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सदस्य एवं पूर्व शहरी विकास राज्य मंत्री सौगत राय और द्रमुक राज्सभा सदस्य तिरुचि शिवा को दिया गया.