नई दिल्ली: देश भर में आज पूरे धूम धाम से 71वां गणतंत्र दिवस (71st Republic Day) मनाया जा रहा है. ऐसे में पिछले एक महीने से सुर्ख़ियों में रहने वाला शाहीन बाग़ एक बार फिर गणतंत्र दिवस को मनाने के तरीके से आकर्षण का केंद्र बन गया है. गणतंत्र दिवस के मौके पर शाहीन बाग़ में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन का नजारा सामने आया है. नागरिकता विधेयक, एनसीआर, एनपीआर के खिलाफ देश के कई प्रमुख हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं मगर दिल्ली के शाहीन बाग़ ने इस आंदोलन की शुरुआत की है. Also Read - Delhi Violence: न्यायधीश बोले- उमर खालिद, शरजील इमाम के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त सामग्री

इंटरनेट पर एक वीडियो आज सुबह से वायरल हो रहा है जहां हज़ारों की तादाद में लोग सीएए, एनसीआर और एनपीआर के खिलाफ नारेबाज़ी कर रहे हैं. इंकलाब जिंदाबाद और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं. वीडियो में जेएनयू के पूर्व छात्र और कार्यकर्ता उमर खालिद भी घटनास्थल पर दिखाई दे रहे हैं. Also Read - Delhi Violence: उमर खालिद पर चलेगा UAPA के तहत केस, गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार की मिली मंजूरी

आपको बता दें की शाहीन बाग़ के आंदोलन को एक महीने से ज्यादा का वक्त हो गया है. सत्ताधारी पक्ष इस विरोध प्रदर्शन को विपक्ष की प्लानिंग बता रहा है वहीं कई पार्टियों ने इस प्रदर्शन का समर्थन भी किया है. आपको यह भी बताते चलें कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को गणतंत्र दिवस(Republic Day 2020) के अवसर पर इंडिया गेट(India Gate) पर स्थित अमर जवान ज्योति के बजाय पहली बार यहां नव निर्मित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक(National War Memorial) पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी. इंडिया गेट परिसर में स्थित इस स्मारक का पिछले साल 25 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था.

‘अमर जवान ज्योति’(Amar Jawan Jyoti) पर एक झुकी हुई बंदूक के ऊपर जवान का हेलमेट रखा हुआ है तथा उसके नीचे निरन्तर ज्योति जलती रहती है. 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए जवानों की याद में इंडिया गेट के नीचे 1972 में इसका निर्माण किया गया था. तकरीबन 40 एकड़ क्षेत्र में फैले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में चार चक्र ‘अमर चक्र’, ‘वीरता चक्र’, ‘त्याग चक्र’ और ‘रक्षक चक्र’ हैं जिन पर ग्रेनाइट के पत्थरों पर स्वर्ण अक्षरों से 25,942 जवानों के नाम लिखे हैं.