नई दिल्ली. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने मंगलवार को राजस्थान के पोखरण रेंज से तीसरी बार मल्टी बैरल रॉकेट प्रणाली पिनाक का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. इससे पहले दो परीक्षण सोमवार को किए गए थे. डीआरडीओ ने अपने बयान में कहा, “तीनों परीक्षण ने मिशन का उद्देश्य पूरा कर लिया. निर्देशित पिनाक के लगातार सफल परीक्षण से हथियार प्रणाली की दक्षता, विश्वसनीयता सत्यापित हुई है.” पूरी तरह से स्वदेश में विकसित इस गाइडेड रॉकेट प्रणाली से हमारी सेना की क्षमता को और मजबूती मिलेगी. 44 सेकेंड में 12 रॉकेट दागने वाला इस सिस्टम ने मंगलवार के परीक्षण में भी सटीक निशाना लगाया.

हथियार प्रणाली को टैट्रा ट्रक पर लगाया गया था और यह उन्नत नौवहन और नियंत्रण प्रणाली के साथ अत्याधुनिक मार्गदर्शन किट से लैस था. सोमवार को हुए परीक्षण में हथियार ने दक्षता के साथ अपने लक्ष्य को भेदा था. प्रणाली का अधिकतम रेंज मार्क-1 के लिए 40 किलोमीटर और मार्क-2 के लिए 75 किलोमीटर है. इसके साथ ही यह 44 सेकेंड में 12 रॉकेट दाग सकता है.

इससे पहले पोखरण में ही सोमवार को पिनाक का सफल परीक्षण किया गया. इससे सेना की क्षमताओं को मजबूती मिलेगी. सोमवार के परीक्षण के बाद रक्षा मंत्रालय ने कहा था, ‘‘डीआरडीओ द्वारा स्वदेश में विकसित पिनाक, सटीक निशाना साधने के लिए शस्त्र भंडार की क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा.’’ परीक्षण के बारे में यह कहा गया कि हथियार प्रणाली ने तय लक्ष्यों पर काफी सटीक निशाना लगाया और वांछित सटीकता हासिल की. मंत्रालय ने कहा, ‘‘टेलीमेट्री सिस्टम ने उड़ान पथ के दौरान वाहन पर नजर रखी और उसकी निगरानी की. मिशन के सभी उद्देश्य पूरे हुए हैं.’’

(इनपुट – एजेंसी)