Supreme Court:सुप्रीम कोर्ट में आज मंगलवार का दिन खास रहा, जब कोर्ट में पहली बार एक साथ नौ जजों को शपथ दिलाई गई, जिनमें तीन महिला न्यायाधीश भी शामिल हैं. देश के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने इन सभी नौ जजों को शपथ दिलाई. शपथ लेने वालों में तीन महिला न्यायाधीश भी शामिल हैं. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम ने इन जजों के नाम सरकार को भेजे थे, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया.Also Read - Employee Pension Scheme: सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से पेंशन में 300% से अधिक की हो सकती है बढ़ोतरी, जानें- कैसे होगी गणना?

मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना ने आज जिन नौ जजों को शपथ दिलाई उनमें जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका, विक्रम नाथ, जितेंद्र कुमार माहेश्वरी, हेमा कोहली, वेंकटरमैया नागरत्ना, चुडालायिल थेवन रविकुमार, एम.एम. सुंदरेश, बेला मधुर्या त्रिवेदी और पामिघनतम श्री नरसिम्हा का नाम शामिल हैं. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में अब जजों की संख्‍या 33 हो गई है . Also Read - Sedition Law: राजद्रोह कानून पर सुप्रीम कोर्ट: गांधी, तिलक को चुप कराने के लिए था यह कानून, आजादी के बाद इसकी क्या उपयोगिता?

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सुप्रीम कोर्ट में आज से पहले कभी नौ जजों ने एक साथ शपथ नहीं ली थी. इन जजों में तीन महिला जज भी शामिल हैं. सर्वोच्च अदालत में तीन महिला जजों ने पहली बार शपथ ली है. इनमें से जस्टिस बीवी नागरत्ना एक ऐसी जज हैं जो 2027 के आसपास देश की मुख्य न्यायाधीश बनेंगी हालांकि उनका कार्यकाल काफी छोटा होगा.

जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने भी आज जज के पद की शपथ ली जो मई 2028 में मुख्य न्यायाधीश बन सकते हैं. जस्टिस नरसिम्हा सुप्रीम कोर्ट में वकील रहे हैं और उन्हें बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट में जज बनाया गया है. खास बात यह है कि जस्टिस नरसिम्हा अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रहते हुए सरकार के महत्वकांक्षी कानून, एनजेएसी, जिसमें उच्च अदालतों में जजों की नियुक्ति की व्यवस्था की गई थी उसकी वकालत कर चुके हैं.