नई दिल्ली: मुंबई की एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर फरार शराब कारोबारी विजय माल्या को शनिवार को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित किया. माल्या नए भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफईओ घोषित होने वाला पहला कारोबारी बन गया है. यह अधिनियम पिछले वर्ष अगस्त में प्रभावी हुआ था. प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) की अदालत से माल्या को भगोड़ा घोषित करने और उसकी संपत्तियों को जब्त करने और उन्हें केन्द्र सरकार के नियंत्रण में लाने का अनुरोध किया था. विशेष न्यायाधीश एम एस आजमी ने माल्या के वकील और ईडी के वकील की व्यापक दलील सुनने के बाद माल्या को कानून की धारा 12 के तहत एफईओ घोषित किया. माल्या मार्च 2016 में भारत से चला गया था.

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भाजपा ने विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (एफईओ) घोषित किए जाने का शनिवार को श्रेय लेते हुए कहा कि ऐसा मोदी सरकार द्वारा बनाए गए एक कानून के तहत किया गया. बीजेपी ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़़ाई में ‘एक उपलब्धि बताया. भाजपा ने आरोप लगाया कि माल्या कांग्रेस सरकार की ‘सरपरस्ती’’ में फला फूला जिसने उसके ‘देश का 9000 करोड़ रुपये के साथ भागने से पहले’ उसे ‘असाधारण मदद’ दी.

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भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कर्ज नहीं चुकाने और धनशोधन का आरोपी माल्या पहला उद्योगपति है जिसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत एफईओ घोषित किया गया है. उन्होंने कहा कि यह कानून पिछले वर्ष अगस्त में नरेंद्र मोदी सरकार ने बनाया था. उन्होंने कहा, ‘यह (माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाना) भाजपा की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक उपलब्धि है. पात्रा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून को वर्तमान राजग सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लाई थी कि माल्या जैसे भगोड़ों को न्याय के दायरे में लाया जा सके.

 

उन्होंने कहा, ‘माल्या कांग्रेस की सरकार की सरपरस्ती में फूला फला. उसके दिवालिया होने के बावजूद उसे कर्ज दिए गए और उसके कर्ज के भुगतान की शर्ते भी बदली गईं. वह देश का 9000 करोड़ रुपये लेकर भाग गया. पात्रा ने आरोप लगाया कि माल्या कांग्रेस नेताओं के सम्पर्क में था. उन्होंने शराब करोबारी द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखे एक कथित पत्र से कुछ पंक्तियां पढ़ीं जिसमें वह उनकी मदद के लिए धन्यवाद देता है और कर्ज प्राप्त करने के लिए सहायता का अनुरोध करता है.

उन्होंने दावा किया कि सिंह ने अपने सचिव को माल्या की मदद करने का निर्देश दिया और 14 नवम्बर 2011 को एक संवाददाता सम्मेलन में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि किंगफिशर की मदद के लिए तरीके खोजने की जरूरत है. पात्रा ने कहा, ‘यह पूर्ववर्ती सरकार और हमारे बीच अंतर है कि उन्होंने उसे असाधारण मदद की लेकिन हमारी सरकार में हमने उसे एक भगोड़ा अपराधी घोषित किया. उन्होंने कहा, ‘विभिन्न वरिष्ठ कांग्रेस नेता बदले में माल्या से अनुग्रह प्राप्त करते थे. माल्या को पकड़ने और उसका प्रत्यर्पण हासिल करना ऐसे भगोड़े अपराधियों के खिलाफ हमारी सख्त कार्रवाई है जो भारत से भारी रिण राशि लेकर भाग जाते हैं और उसके बाद हमारी सरकार एवं सरकारी एजेंसियों को मूर्ख बनाते हैं.

(इनपुट-भाषा)